Covid-19 Update

2,06,161
मामले (हिमाचल)
2,01,388
मरीज ठीक हुए
3,505
मौत
31,693,625
मामले (भारत)
198,846,807
मामले (दुनिया)
×

12वीं के छात्रों को अंक देने लिए शिक्षा बोर्ड ने अपनाया ये फार्मूला, क्या बोले बोर्ड अध्यक्ष पढ़े

शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष व सचिव के साथ की बैठक

12वीं के छात्रों को अंक देने लिए शिक्षा बोर्ड ने अपनाया ये फार्मूला, क्या बोले बोर्ड अध्यक्ष पढ़े

- Advertisement -

कुल्लू। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ( Education Minister Govind Singh)ठाकुर आज मनाली में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड( HPBose)के अध्यक्ष सुरेश सोनी तथा सचिव अक्षय सूद के साथ राज्य में जमा दो कक्षाओं के परीक्षा परिणाम के सम्बंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा परिणाम से सम्बंधित व्याप्क , वस्तुनिष्ठ तथा सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर ऐसा फार्मूला तैयार किया गया है, जिससे छात्रों का संपूर्ण मूल्यांकन सुनिश्चित हो। बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश सोनी ने कहा कि प्रदेश में 12वीं के बच्चों को अंक देने के लिए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा सीबीएसई( CBSE) के फार्मूले को ध्यान में रखा गया गया है। इसमें बच्चों को असैसमैंट करने या उन्हें अंक देने के लिए सीबीएसई के पांच सूचकों (इंडीकेटर) को अपनाया गया है। इन पांच इंडीकेटरों ( 5 Indicators)के तहत बच्चों की इंटरनल असैसमैंट, प्रैक्टिकल/प्रोजैक्ट वर्क, 10वीं तथा 11वीं कक्षा में प्राप्त अंकों को महत्व देने के साथ बच्चों की प्री बोर्ड परफारमेंस( Pre Board performance)को भी ध्यान में रखा गया है।

यह भी पढ़ें: HPSSC ने इन दो पोस्ट कोड का रिजल्ट किया घोषित, ये हुए सफल

उन्होंने बताया कि सीबीएसई के पांच इंडीकेटरों को अपनाने के अतिरिक्त शिक्षा बोर्ड द्वारा तीन और सूचकों को आधार बनाया गया है जिसमें बच्चों का मूल्यांकन करने के लिए या उन्हें अंक प्रदान करने के लिए विभाग द्वारा जो बच्चों की पहले तथा दूसरे सत्र की ऑनलाइन परीक्षा करवाई गई है, को भी आधार बनाया गया है। दूसरा जो 12वीं कक्षा के बच्चों की 13 अप्रैल को अंग्रेजी विषय की परीक्षा करवाई गई थी, उसे भी महत्व दिया गया है। प्रतिभाशाली या गुणी बच्चों को चिन्हित कर तथा उन्हें अंक प्रदान करने सहित अन्य बच्चों का भी परीक्षा परिणाम तैयार किया जा रहा है। इन अंको को देने के लिए बच्चों को पांच श्रेणियों में विभाजित किया गया है तथा सभी विषयों को बराबर वरीयता प्रदान की गई है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड का क्राइटीरिया और भी ज्यादा व्याप्क है तथा इसमें बच्चों ने जो साल भर पढ़ा है, उसके आधार पर 10वीं तथा 12वीं की परीक्षा का परिणाम बनाने पर ध्यान दिया गया है।


हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए Subscribe करें हिमाचल अभी अभी का Telegram Channel… 

 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है