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HPPTF के आंदोलन पर शिक्षा विभाग सख्त: RTE और सर्विस रूल्स का उल्लंघन, बिना नोटिस होगी कार्रवाई
HPPTF Protest: हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ (एचपीपीटीएफ) द्वारा नई ‘स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली’ के विरोध में किए जा रहे प्रदर्शन पर स्कूल शिक्षा निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाया है। निदेशालय ने संघ के आंदोलन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश दिया है और चेतावनी दी है कि आदेशों की अवहेलना करने पर बिना किसी अग्रिम सूचना के सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आचरण नियमों और RTE अधिनियम का उल्लंघन
निदेशालय के अनुसार, नई स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली का मुख्य उद्देश्य राज्य में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। हालांकि, पिछले कई दिनों से संघ के 5 से 10 शिक्षक प्रतिदिन निदेशालय के बाहर प्रदर्शन में भाग ले रहे थे।शिक्षा विभाग ने इसे केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 का स्पष्ट उल्लंघन करार दिया है:
बातचीत बेनतीजा, पदोन्नति पर असर न पड़ने का दिया था आश्वासन
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि मामले के समाधान के लिए गठित समिति ने संघ के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की विस्तृत चर्चाएं की हैं। संघ को बार-बार भरोसा दिलाया गया था कि इस नई प्रणाली से किसी भी श्रेणी के शिक्षकों की पदोन्नति (प्रमोशन) के अवसरों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। दिशा-निर्देशों के हर प्रावधान को विस्तार से समझाने के बावजूद संघ प्रतिनिधि अपनी मांगों पर अड़े रहे।
15 नवंबर को धर्मशाला में प्रदर्शन का ऐलान, विभाग सख्त
तमाम समझाइश के बावजूद प्राथमिक शिक्षक संघ ने 15 नवंबर को धर्मशाला में बड़े स्तर पर सार्वजनिक आंदोलन करने की घोषणा की है। इस पर निदेशालय ने संघ के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रस्तावित आंदोलन को तुरंत रद्द करें और किसी भी अनधिकृत विरोध प्रदर्शन से दूर रहें।विभाग ने साफ किया है कि इस निर्देश का पालन न करने को कर्तव्य की घोर अवहेलना और कदाचार माना जाएगा, जिसके तहत कर्मचारियों के खिलाफ बिना कोई अतिरिक्त नोटिस दिए कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अनु गुप्ता
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