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पौंग झील से छंटने लगा #Birdflu का साया, राहत भरी है यह खबर- जरूर पढ़ें

आज भी कोई प्रवासी पक्षी नहीं मिला मृत, अब तक 5,004 की जा चुकी है जान

पौंग झील से छंटने लगा #Birdflu का साया, राहत भरी है यह खबर- जरूर पढ़ें

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धर्मशाला। कांगड़ा (Kangra) की पौंग झील (Pong Lake) में बर्ड फ्लू को लेकर हालात सुधरने लगे हैं। आज भी पौंग झील में कोई प्रवासी पक्षी (Migratory Birds) मृत नहीं मिला है। पौंग झील में 5,004 प्रवासी पक्षियों के मृत मिलने के बाद दो तीन दिन से कोई पक्षी मृत नहीं मिल रहा है, जोकि राहत की बात है। अब रोजी रोटी के लिए चितिंत मछुआरों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अगर कुछ दिन में ऐसे ही हालात रहते हैं तो पौंग झील में मछुआरे मछली पकड़कर अपनी अजीविका कमा सकते हैं। वहीं, पौंग झील की मछली खाने की चाह रखने वालों को भी राहत मिल सकती है। करीब एक माह से अधिक पौंग झील में मछुआरे मछली पकड़ने नहीं जा पा रहे हैं।

यह भी पढ़ें: #Birdflu : पौंग में हर रोज मर रहे प्रवासी पक्षी, आज 2 कौवों सहित 7 मिले मृत

बता दें कि आज से करीब 40 दिन पहले पौंग झील में प्रवासी पक्षियों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ था। काफी संख्या में पक्षी मृत मिले थे। पक्षियों के मृत मिलने से प्रदेश सरकार को जिला प्रशासन अलर्ट हो गई थी। मृत पक्षियों के सैंपल जांच को पहले जालंधर और फिर भोपाल लैब भेजे थे। दोनों की लैब से बर्ड फ्लू (#Birdflu) की पुष्टि हुई थी। इसके बाद डीसी कांगड़ा राकेश प्रजापति (DC Kangra Rakesh Prajapati) ने अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश किए थे। उन्होंने पौंग झील में किसी भी प्रकार की मूवमेंट पर प्रतिबंध लगा दिया था। पौंग झील के एक किलोमीटर एरिया को अलर्ट जोन (Alert Zone) घोषित किया है और एक किलोमीटर के बाद के 9 किलोमीटर क्षेत्र को निगरानी जोन घोषित किया है। पौंग झील में मछली पकड़ने और पशुओं को छोड़ने को लेकर सख्त मनाही है। नियमों की अवहेलना करने वालों को पचास हजार जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसी के चलते एक माह से अधिक समय से मछुआरे पौंग झील में मछली पकड़ने नहीं जा पा रहे हैं। उनकी नावें सूखें में पड़ी हैं। साथ ही मछली पकड़ने के जाल भी पानी में हैं। अब पक्षियों की मौत का सिलसिला थमने के बाद मछुआरों को उम्मीद की एक किरण जगी है।

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