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गजब: 174 दिन की मजदूरी, 387 बैग सीमेंट लगा दिए मगर फुट ब्रिज का नामोनिशान नहीं, पढ़े पूरी कहानी
Scam in Name of foot Bridge in Mandi: गोहर। 174 दिन मजदूरों ने काम किया , 387 बैग सीमेंट के साथ लाखों का सरिया, बजरी, रेत भी यूज कर एक 1 फुट ब्रिज बनाया ….मगर वह फुट ब्रिज या तो आसमान खा गया या जमीन निगल गई। क्योंकि मंडी जिला के उपमंडल गोहर की ग्राम पंचायत बासा में तो ऐसा कोई फुट ब्रिज बना ही नहीं । हिमाचल प्रदेश में पंचायतों में होने वाले घोटाले किसी भी हाल में नहीं रुक रहे। जबकि कई प्रधान निलंबित भी हो चुके है, तथा कइयों के मामले अधिकारियों के समक्ष लंबित पड़े है। ऐसा ही मांमला जिला मंडी के उपमंडल गोहर ग्राम पंचायत बासा में सामने आया है। जहां कागजों में नानकू के घराट के पास खरखन खड्ड पर लाखों रुपए खर्च कर एक फुट ब्रिज दर्शाया गया है। मनरेगा की वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार इस जगह 174 दिन का काम हो चुका है। 387 सीमेंट के बैग लगाए जा चुके है। 4 फरवरी को तीसरे मस्टरोल का काम पूरा किया जा चुका है और उसकी पेमेंट भी मजदूरों के खाते में पड़ चुकी है । वहीं पर अगर हकीकत की बात करें, तो यहां पर काम के नाम पर एक पत्थर तक नहीं लगाया गया है।

मनरेगा पोर्टल के प्राप्त मस्टरोल के मुताबिक इस जगह काम करने पर तारा चंद, पिंकी, कमली, सुमति, कमला, रेखा देवी, गीता देवी, सीता देवी, बुद्धि सिंह, हिमाचली, सेवती, ममता और शैतान सिंह को 52200 रुपए की पेमेंट हो चुकी है। तथा उनके द्वारा खरखन खड्ड पर पुल बनाने के लिए 174 दिनों का काम भी किया है। इस मामले में सभी की हाजरी रेखा देवी द्वारा लगाई गई है।गौरतलब कि इस काम में अब तक 174 हजारियां दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 तक लग चुकी है और मजदूरों को फरवरी 2025 तक 52200 रुपए की पेमेंट भी हो चुकी है। जबकि धरातल पर कुछ भी नहीं हुआ है। मगर मनरेगा की वेबसाइट से मिली रिपोर्ट के अनुसार इस काम के लिए मार्च 2024 में बिल नंबर 1855 पर 89650 रुपए के 387 सीमेंट के बैग भी लिए जा चुके है।

जब इस बारे हमारी बात ग्राम पंचायत बासा के उपप्रधान से पूछा तो उनका कहना था कल से यहां पर काम शुरू कर दिया जाएगा। क्योंकि यहां पर जेसीबी मशीन लगानी पड़ेगी।आपको बता दें कि इस फुट ब्रिज की कुल लागत 9,90,000 रूपये है। बताया जा रहा है कि इस काम पर कम से कम 1,41,850 रुपए खर्च हो चुके है। जबकि यहां काम के दौरान यहां रेत, बजरी सरिया आदि भी प्रयोग किया गया होगा। जिसकी कीमत लाखों रुपए में हो सकती है। ग्राम पंचायत बासा के लोगों ने कहा कि यह पंचायत द्वारा किया गया बहुत बड़ा भ्रष्टाचार है। उन्होंने सीएम सुक्खू से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।लोगों का कहना है अगर इस मामले में कार्यवाही नहीं होती तो हमें मजबूरन हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
इस बारे में खंड विकास अधिकारी गोहर सरवन कुमार कौंडल ने बताया उन्होंने कुछ दिन पहले ही पद संभाला है। पत्रकारों के माध्यम से उन्हें इस बात का पता चला है, वे खुद मौके पर जाकर छानबीन करेंगे, जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। चाहे वो पंचायत प्रतिनिधि हो या सरकारी कर्मचारी अधिकारी किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
संजीव कुमार

