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बम से तबाह हुए स्कूल में गूंज रही ईरान के इस संगीत शिक्षक की मधुर धुन.. दिल को झकझोर देगा ये वीडियो
Viral Video: बम गिरने के बाद चारों तरफ तबाही के सवा और कुछ नजर नहीं आता। चारों तरफ बिखरे मलबे और दर्द भरी खामोशी को शब्दों में बयां करना कठिन है। इस खामोशी में अगर कहीं से संगीत सुनाई दे तो एक उम्मीद की आवाज बन जाती है। एक ईरानी संगीत शिक्षक हमदरीज़ा अफ़रीदा (@hamidrezaafarideh) ने अपने टूटे हुए स्कूल के बीच बैठकर क़मानचे (एक पारंपरिक वाद्य यंत्र) बजाया तो वो दर्द महसूस किया जा सकता है। चारों ओर टूटी दीवारें, बिखरा सामान और जर्जर छत इस बात की गवाही दे रहे थे कि जहां कभी हंसी, सीखने और संगीत की गूंज हुआ करती थी. लेकिन अब वहां सिर्फ खामोशी थी। संगीत की धुन ने उस खामोशी को तोड़ दिया और उम्मीद की एक किरण नजर आई कि फिर से ये जगह आबाद होगी।
این صدا…
شاید آخرین صدای این آموزشگاه باشه…
و شاید حتی آخرین صدای نوازندگی من…
شاید من هم فردا نباشم…اما این صدا میمونه…
به یادگار…
در تاریخ که ما مردم عاشق بودیم و عاشقانه رفتیم …
برای روزی که دوباره
موسیقی، صدای صلح باشه…
صدای زندگی#جنگ #آموزشگاه_موسیقی #زیرساخت pic.twitter.com/idhiMVACV0— Hamidreza Afarideh (@Hafarideh) April 7, 2026
वीडियो के साथ लिखे एक भावपूर्ण संदेश में, अफरीदेह ने उस स्थान को महज एक इमारत नहीं, बल्कि अपने और अपनी सहकर्मी शिदा के जीवन की “आत्मा” बताया। इसमें 250 छात्रों की यादें और 20 से अधिक शिक्षकों के प्रयास समाहित थे। अब, इसके अवशेषों के बीच खड़े होकर, उन्होंने शायद इसका अंतिम स्वर बजाया, इस अनिश्चितता के साथ कि क्या वे स्वयं अगले दिन यहाँ होंगे।
آموزشگاه موسیقی هونیاک در شرق تهران مورد حمله پهبادی آمریکا و اسرائیل قرار گرفت
حمیدرضا آفریده مدیر این آموزشگاه نوشته:"خاکستر سازهای شکسته و این آوار بر روی روح و روان ما نیز نشسته است و پاسخی نداریم به زنگهای بیشمار هنرجویان بدهیم…. pic.twitter.com/RIR5MhypWw
— Bahman Babazadeh|بهمن بابازاده (@Bahman_Babazade) March 25, 2026
कुछ दिन पहले ही, एक अन्य संगीतकार, अली ग़मसारी ने भी अशांति के माहौल में संगीत का सहारा लिया था । दमावंद पावर प्लांट के पास बैठकर, उन्होंने तारकोल पर ‘वतन’ (मातृभूमि) बजाया, और मधुरता के माध्यम से एक शांत, भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
पंकज शर्मा
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