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IGMC में छंटाई के खिलाफ सीटू का श्रम विभाग के दफ्तर के बाहर हल्लाबोल
शिमला। IGMC के 220 के करीब कर्मियों को नौकरी से निकाले जाने के लिए खिलाफ सीटू (CITU) ने गुरुवार को यहां श्रम विभाग के दफ्तर के बाहर जोरदार मौन प्रदर्शन किया। इस दौरान सीटू प्रतिनिधियों और श्रमायुक्त की बैठक भी हुई। इसमें उप श्रमायुक्त, श्रम अधिकारी और श्रम निरीक्षक मौजूद रहे। सीटू ने आरपार की लड़ाई का एलान करते हुए चेतावनी दी है कि अगर नौकरी से निकाले गए सुरक्षा कर्मियों और कोविड कर्मियों (Covid Warriors) को न्याय न मिला तो आंदोलन उग्र होगा। आंदोलन की अगली कड़ी में जेल भरो आंदोलन, गिरफ्तारियां, चक्का जाम, ओकओवर और सचिवालय तक मार्च का ऐलान किया गया है।
हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहर ने श्रमायुक्त (Labor Commissioner) से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि IGMC से 200 कोविड योद्धाओं को नौकरी से बाहर करना मानवता को शर्मसार करने की घटना है। इसी तरह 20 सुरक्षा कर्मियों (Security Guards) का नौकरी से बाहर करना देश के कानून का गला घोंटना है। उन्होंने इसे सुरक्षा कर्मियों के ठेके का महाघोटाला बताते हुए कहा कि इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

