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आने वाला समय क्वांटम कम्प्यूटिंग का, राजनाथ सिंह बोले- रक्षा से जुड़ी टेक्नोलॉजी में IIT Mandi बड़ी उम्मीद
Defence Minister Rajnath Singh: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Union Defence Minister Rajnath Singh) ने आज आईआईटी कमांद मंडी के 16वें स्थापना दिवस (IIT Mandi Foundation Day) कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा आने वाला समय क्वांटम कम्प्यूटिंग का है। इस दिशा में भारत भी काम कर रहा है। जब तक हम, quantum computing से परिचित नहीं हुए थे, तब तक हमारे लिए Computing की दुनिया में, supercomputer सबसे बड़ी चीज थी। पर आपने देखा होगा, कि अभी हाल ही में, google ने Willow नाम के एक Quantum chip को introduce किया है भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है,जिनके पास एक से अधिक विमान वाहक पोत है। अब विमान के इंजन भी भारत में बनेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपने आप में नई डेवलपमेंट है, इसके असर को लेकर लगातार समझने की कोशिश की जा रही।
https://twitter.com/rajnathsingh/status/1893918294283067492
मंडी अपना एक ऐतिहासिक महत्व भी रखता है
आईआईटी मंडी (IIT Mandi)पुरातन और नूतन का संगम है। जैसा कि हम सब जानते हैं, मंडी का यह इलाका न सिर्फ प्राकृतिक रूप से सुंदर है, बल्कि यह अपना एक ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। कहा जाता है, कि महाभारत काल में लाक्षागृह के बाद, पांडव कुछ दिन मंडी में भी ठहरे थे। बौद्ध मठों की भी लम्बे समय से यहाँ मौजूदगी देखने को मिलती है। यानि महाभारत काल से बौद्ध काल तक और मध्यकालीन भारत से लेकर ब्रिटिश शासन तक, मंडी किसी न किसी रूप में, जाना जाता रहा है। आज भी हमें, यहाँ कई सारे पुरातन sculptures, architecture और मंदिर देखने को मिलते हैं। ऐसे एतिहासिक स्थल पर , Technology के पावर हाउस के रूप में IIT का होना, निश्चित रूप से antiquity और modernity के co-existence का एक प्रतीक है।

जहां भी रहें, कुछ नया करने का प्रयास करें
उन्होंने कहा आप चाहे जहां भी रहें, पर आप हमेशा कुछ नया करने का प्रयास करें। वह initiation काम के प्रति हो सकता है, reform के प्रति हो सकता है, technology adaptation के प्रति हो सकता है, technology creation के प्रति हो सकता है। आपके पास risk taking capability है। आपके पास आगे बढ़कर, नेतृत्व करने की क्षमता है। इसलिए प्रयास करें कि जीवन में नई पहल करें। राजनाथ सिंह ने कहा आगे आपको और भी ज्यादा actively काम करना होगा। आज भारत को अपना एआई-संचालित युद्ध सिद्धांत (AI-driven war doctrine) बनाने की जरूरत है । रक्षा के लिए, स्वदेशी एआई चिप्स (indigenous AI chips) बनाने की जरूरत है। साइबर सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए, firewalls develop करने की जरूरत है। मेरा मानना है कि इसमें IIT Mandi एक बड़ी भूमिका निभा सकता है। मुझे बताया गया, कि यहाँ ऐसे Researchers हैं, जो Robotics, Drone technology, AR-VR technology पर अच्छा काम कर रहे हैं। आने वाले समय में आप इन sectors में और इसी प्रकार के अन्य cutting edge technologies में भी, बढ़-चढ़कर योगदान देंगे।
IIT Mandi, DRDO के साथ काम कर रहा है
उन्होंने कहा देश का रक्षा मंत्री होने के नाते, आप लोगों से मेरी कुछ उम्मीदें हैं। मैं रक्षा से जुड़ी टेक्नोलॉजी में IIT Mandi से और भी बड़े participation की उम्मीद रखता हूं। मुझे यह जानकर बड़ी खुशी हुई, कि IIT Mandi, DRDO के साथ मिलकर कई Research problems पर बड़े close coordination के साथ काम कर रहा है। इसके अलावा G-20 के दौरान भी, आपने “Technology for Defence” की थीम के साथ, एक इवेंट का आयोजन किया था। यह सारी बातें दिखाती हैं कि आपरक्षा क्षेत्र में भारत को edge प्रदान करने के लिए समर्पित हैं। रक्षा मंत्री समारोह के लिए सोमवार सुबह मंडी पहुंचे। । इसके बाद वह मंडी के सुंदरनगर जाएंगे। यहां पर राजनाथ सिंह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किश्त जारी करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे।
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