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अढ़ाई साल बाद जागी Himachal Govt,अब आने लगी अपनी ही पार्टी के MLAs की याद
Sukhu Govt : शिमला। लगभग अढ़ाई साल बाद सुक्खू सरकार (Sukhu Govt) को याद आया कि अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले (Transfers) विधायकों की सहमति के बिना नहीं होंगे। संबंधित विधानसभा क्षेत्र के विधायकों (MLAs) की सहमति और विभागों के मंत्री के नोट पर ही तबादले हो सकेंगे। तर्क दिया जा रहा है कि विधायकों को अपने क्षेत्र की जानकारी रहती है, ऐसे में इनकी सहमति जरूरी है। ये सब उस वक्त होने जा रहा है जब कांग्रेस के ही अधिकतर विधायक ही नहीं मंत्री भी सरकार की कार्यशैली से असंतुष्ट हैं। ऐसे में सरकार को विधायकों-मंत्रियों की याद आई।
तबादलों के लिए विधायकों की सहमति अब जरूरी
कांग्रेस सरकार को प्रदेश की सत्ता पर काबिज हुए मोटा-मोटी अढ़ाई साल का वक्त बीतने लगा है,यानी आधा कार्यकाल सरकार का बीत चुका है। ऐसे में अब सरकार को कुछ समझ आने लगा है। इससे पहले (Education) शिक्षा, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, बिजली बोर्ड व अन्य ऐसे तमाम महकमे हैं, जिनमें कई मंत्रियों के नोट पर विधायकों को विश्वास में ही नहीं लिया गया है। ऐसे में कई जगह अधिकारी व कर्मचारी ज्यादा हो गए हैं तो कहीं स्टाफ की कमी हो गई है। ऐसे में तबादलों के लिए विधायकों की सहमति को अनिवार्य किया गया। अब देखना ये होगा कि ये नियम धरातल पर कितना सही उतर पाता है।
-राहुल कुमार

