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किन्नौर में पत्थर गिरने से युवक-युवती की मौ#त, यूला कंडा मंदिर में जा रहे थे जन्माष्टमी मनाने
Himachal landslide: पहाड़ी प्रदेश हिमाचल में बारिश लोगों की जान ले रही है। जगह- जगह लैंडस्लाइड होने से खासा नुकसान हो रहे हैं। इसी बीच प्रदेश के दुर्गम जिला किन्नौर से एक दुखद घटना सामने आई है। जिला के यूला कंडा कृष्ण मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने जा रहे दिल्ली के युवक व युवती की पहाड़ी से पत्थर गिरने से मौत हो गई। मृतक की पहचान प्रशील बागमारे निवासी रामा बिहार गली नंबर-4 दिल्ली और रश्मि निवासी आरजेड-26ए बी ब्लॉक अर्जुन बेस नवाबगढ़ दिल्ली के तौर पर हुई है। पर्यटक यूला कंडा स्थित कृष्ण मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे।
क्या है यूला कंडा मंदिर का इतिहास
किन्नौर जिले के यूला कंडा में झील के बीचों-बीच भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर है। कहा जाता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान झील के बीच भगवान श्री कृष्ण के मंदिर का निर्माण किया था। यह दुनिया का सबसे ऊंचा श्रीकृष्ण मंदिर है। यह मंदिर समुद्र तल से 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए 14 किलोमीटर का पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। यूला कंडा की जन्माष्टमी बेहद मशहूर है. इस जन्माष्टमी उत्सव का इतिहास बुशहर रियासत से जुड़ा है। बुशहर रियासत के तत्कालीन राजा केहरी सिंह के समय इस उत्सव को मनाने की परंपरा शुरू हुई थी। मेले को मनाने की परंपरा आज भी सदियों पुरानी है। इस मेले को देखने के लिए ग्रमीणों के साथ-साथ बाहर से आए लोगों की भी असंख्य भीड़ जमा हो जाती है।
संजू चौधरी

