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हाईकोर्ट से पूर्व विधायकों को राहत- पेंशन जारी करने आदेश, सरकार एक माह में रिलीज करें बकाया राशि
Himachal High Court: हिमाचल हाईकोर्ट ने आज पूर्व विधायकों को राहत देते हुए उनकी पेंशन जारी करने के आदेश दिए है। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार और विधानसभा सचिवालय को निर्देश दिए कि पात्र याचिकाकर्ताओं की बकाया और नियमित पेंशन एक माह के भीतर जारी की जाए। आदेशों का पालन नहीं होने की स्थिति में 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। इस फैसले से प्रदेश के पूर्व विधायकों को बड़ी राहत मिली है और पेंशन से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद पर स्पष्टता आई है।
राजिंदर राणा और रवि ठाकुर की याचिकाओं पर हुई सुनवाई
यह आदेश जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर और जस्टिस रंजन शर्मा की खंडपीठ ने दिए। कोर्ट में राजिंदर राणा और रवि ठाकुर द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई की गई थी, जिनमें पेंशन जारी करने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट को विधानसभा सचिवालय की ओर से बताया गया कि पहले लाया गया संशोधन विधेयक, जिसमें अयोग्य घोषित विधायकों की पेंशन रोकने का प्रावधान था, उसे राज्य सरकार ने वापस ले लिया है। इसके बाद नया विधेयक लाया गया है, जो केवल 14वीं विधानसभा और उसके बाद निर्वाचित विधायकों पर लागू होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता 12वीं और 13वीं विधानसभा के सदस्य रहे हैं, इसलिए वे नए कानून के दायरे में नहीं आते और पेंशन के हकदार हैं। इसी आधार पर अदालत ने पेंशन जारी करने के निर्देश दिए।
कांग्रेस सरकार पर तमाचा है कोर्ट का फैसला: आशीष
बीजेपी विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही झूठ गढ़ने, विपक्ष को निशाना बनाने और विरोध करने वाले नेताओं को परेशान करने की नीति अपनाई, लेकिन अब न्यायालय के फैसले ने उनके इस एजेंडे पर सीधा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट का फैसला कांग्रेस सरकार पर तमाचा है। कांग्रेस ने कानून को बदले का हथियार बनाने की कोशिश की, लेकिन न्यायालय ने साफ कर दिया कि कानून किसी व्यक्ति विशेष को टारगेट करने के लिए नहीं बनाए जाते, बल्कि भविष्य के लिए बनाए जाते हैं।
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