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हिमाचल में मैट्रिक Dual बोर्ड परीक्षा व्यवस्था से 10वीं का संयुक्त परिणाम 89.54 फीसदी पहुंचा
HPBOSE: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा की छात्रहित में शुरू की गई मैट्रिक Dual बोर्ड परीक्षा व्यवस्था बेहद सफल साबित हुई है। जुलाई 2026 में आयोजित मैट्रिक द्वितीय परीक्षा का परिणाम घोषित करते हुए डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि इस नई व्यवस्था के कारण हजारों विद्यार्थियों का कीमती साल बर्बाद होने से बचा है। उनके मार्गदर्शन में मार्च 2026 से लागू की गई इस प्रणाली के फलस्वरूप मुख्य एवं द्वितीय परीक्षा का संयुक्त उत्तीर्ण प्रतिशत अब 89.54 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो बोर्ड के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने परिणाम जारी करते हुए कहा कि इस व्यवस्था को लागू करने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को तनावमुक्त वातावरण प्रदान करना तथा उन्हें बिना एक वर्ष गंवाए अपने परिणाम में सुधार का अवसर देना है। उन्होंने संयुक्त परिणाम के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि मुख्य एवं द्वितीय परीक्षा को मिलाकर कुल 91,060 परीक्षार्थियों में से 81,110 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं।
डॉ. शर्मा ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने असफल रहे विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे निराश न हों, बल्कि अपनी कमियों को पहचानकर आगामी अवसरों के लिए बेहतर तैयारी करें।
दूसरी परीक्षा में 4,930 विद्यार्थियों को मिली सफलता
डॉ. शर्मा ने बताया कि जुलाई 2026 में आवश्यक सुधार, कम्पार्टमेंट, वैकल्पिक सुधार एवं अतिरिक्त विषयों के लिए आयोजित मैट्रिक द्वितीय परीक्षा में कुल 8,181 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। इनमें से 4,930 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है, जिससे इस परीक्षा का उत्तीर्ण प्रतिशत 60.27 प्रतिशत रहा।इसके अलावा 1,774 विद्यार्थी कम्पार्टमेंट तथा 1,316 विद्यार्थी Essential Repeat (आवश्यक पुनरावृत्ति) की श्रेणी में रहे।
पारदर्शिता और तकनीक पर अध्यक्ष का जोर
शिक्षा बोर्ड को अधिक पारदर्शी, सुगम एवं छात्र-केंद्रित बनाने के डॉ. शर्मा के प्रयासों के तहत परीक्षा परिणाम की प्रक्रिया को डिजिटल किया गया है। परीक्षार्थी अपना परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.hpbose.org पर ऑनलाइन देख सकते हैं। आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देते हुए डॉ. शर्मा के निर्देशानुसार प्रमाण-पत्रों की प्रतियां डिजीलॉकर (DigiLocker) पर भी उपलब्ध करवाई गई हैं, ताकि विद्यार्थियों को आगे के दाखिले एवं अन्य शैक्षणिक कार्यों में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। किसी भी प्रकार की शंका या जानकारी के लिए विद्यार्थी बोर्ड के कार्यालयी फोन नंबरों पर भी संपर्क कर सकते हैं।
पुनर्मूल्यांकन एवं पुनः जाँच के लिए 9 सितंबर तक आवेदन
बोर्ड अध्यक्ष ने जानकारी दी कि जो परीक्षार्थी अपनी उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं हैं, वे पुनर्मूल्यांकन अथवा पुनः जाँच के लिए 9 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।इसके लिए प्रति विषय पुनर्मूल्यांकन शुल्क ₹1,000 तथा पुनः जाँच शुल्क ₹800 निर्धारित किया गया है। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि आवेदन केवल संबंधित विद्यालय के माध्यम से ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे। बिना शुल्क के भेजे गए अथवा सीधे ऑफलाइन माध्यम से प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
अमित महाजन
