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Himachal Congress की पॉलिटिक्स में ब्राह्मण आउट-अंदरखातें मची हलचल-देखें Video
Himachal Congress Politics : शिमला। हिमाचल में कांग्रेस (Congress in Himachal) का ढांचा बदला जाना है। सौ दिन पार हो चुके हैं, पर टस से मस नहीं हुआ कुछ। सब कुछ भंग कर बस एक अध्यक्ष को बरकरार रखा हुआ है। खैर बदला जाना तो उनका भी तय है,लेकिन फिर कौन यही बडा सवाल बनकर पार्टी के सामने खडा हुआ है। यहां इस बात पर गौर फरमाना जरूरी है कि हिमाचल में कांग्रेस की सरकार के भी मुखिया राजपूत समुदाय से हैं तो संगठन की मुखिया भी राजपूत हैं। यानी अन्य समुदाय को पार्टी ने नजरअंदाज किया हुआ है। यही नहीं पार्टी के समानांतर संगठनों पर काबिज अध्यक्ष भी राजपूत समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
राजपूतों की लंबी फौज
अब इन पर एक-एक कर चर्चा करे तो सीएम के पद पर सुखविंद्र सिंह सुक्खू (Sukhwinder Singh Sukhu) हैं जोकि राजपूत समुदाय से हैं। कांग्रेस की वर्तमान अध्यक्ष प्रतिभा सिंह राजपूत समुदाय से हैं। महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल राजपूत समुदाय से हैं। युवा कांग्रेस अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर राजपूत समुदाय से हैं। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अभिनंदन ठाकुर राजपूत समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। यानी सारी की सारी टाॅप पोस्ट राजपूतों को थमा दी गई हैं। यही नहीं सुक्खू कैबिनेट में स्वयं सीएम सुक्खू राजपूत, शिमला संसदीय क्षेत्र से हर्षवर्धन चौहान, विक्रमादित्य सिंह,रोहित ठाकुर व अनिरुद्ध सिंह राजपूत समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया भी (Rajput Community) राजपूत समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। यानी बैलेंस नाम की कोई चीज नहीं दिखती।
ब्राह्मण समुदाय पहली बार आउट
कांग्रेस की हालत ये है कि कांगड़ा जैसे सबसे बड़े जिले को अधिमान नहीं दिया गया है। ये भी पहली बार हुआ है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और कांगड़ा जिला से ब्राह्मण समुदाय कैबिनेट से बाहर है। वर्षों से कांगड़ा जिला से ब्राह्मण समुदाय को कैबिनेट में स्थान मिलता आ रहा था। लेकिन इस बार कांगड़ा से ब्राह्मण समुदाय को आउट कर दिया गया। अगर नजर दौड़ाई जाए तो कभी कांगड़ा जिला से कैबिनेट में डाॅ सालिग्राम, पंडित संतराम, जीएस बाली (GS Bali) व सुधीर शर्मा सरीखे चेहरे कांग्रेस सरकारों में कैबिनेट का हिस्सा रहे है। लेकिन इस मर्तबा ना ही तो कैबिनेट में ना ही संगठन में ब्राह्मण समुदाय को जगह दी गई है।
कांगड़ा से ब्राह्मण समुदाय को कैबिनेट में दरकार
इस मर्तबा संगठन के पुनर्गठन में ब्राह्मण समुदाय (Brahmins) चाह रहा है कि उन्हें अध्यक्ष पद नसीब हो। अगर सुक्खू कैबिनेट में हल्का-फुल्का फेरबदल होता है तो कांगड़ा से कैबिनेट में भी इस समुदाय को प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है। जिससे बैलेंस बन जाएगा। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए पार्टी हाईकमान ने गांधी फैमिली के बेहद करीबी रजनी पाटिल (Rajni Patil) को हिमाचल का जिम्मा सौंपा है। अब रजनी पाटिल क्या करती है,ये आने वाले समय में ही पता चल पाएगा।
-पंकज शर्मा

