Covid-19 Update

2,17,403
मामले (हिमाचल)
2,12,033
मरीज ठीक हुए
3,639
मौत
33,529,986
मामले (भारत)
230,045,673
मामले (दुनिया)

11 वें Panchen Lama जी रहे सामान्य जीवन, Graduation के बाद कर रहे हैं नौकरी

11 वें Panchen Lama जी रहे सामान्य जीवन, Graduation के बाद कर रहे हैं नौकरी

- Advertisement -

मैक्लोडगंज। तिब्बती समुदाय (Tibetan Community) में दूसरे नंबर के धर्म प्रमुख 11वें पंचेन लामा गेधुन चोयकी नीमा कॉलेज ग्रेजुएट (College graduate) है और नौकरी कर रहे हैं। तिब्बती समुदाय के लिए राहत देने वाली बात ये है कि बीते 25 वर्षों में पहली मर्तबा इस बात का पता चला है कि 11वें पंचेन लामा सुरक्षित हैं। इससे पहले कभी इस बात का ही पता नहीं चल पाया था कि छह वर्ष की उम्र से परिवार सहित गुमशुदा पंचेन लामा आखिर हैं भी या नहीं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय (International community) के दबाव के बीच चीन (China) ने दावा किया है कि 25 साल गुमशुदा चल रहे गेधुन चोयकी नीमा अब कॉलेज ग्रेजुएट है और नौकरी कर रहे हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लीजियन ने कहा, गेधुन चोयकी नीमा जब बच्चा था तो उसने निशुल्क शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद कॉलेज की परीक्षा पास की और अब नौकरी कर रहा है। झाओ ने कहा, 31 साल के हो चुके गेधुन चोयकी नीमा और उनका परिवार सामान्य जीवन में किसी प्रकार की दखलंदाजी नहीं चाहते। लीजियन ने नीमा को लेकर इससे ज्यादा को जानकारी नहीं दी।

यह भी पढ़ें: WHO में बढ़ा भारत का कद, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन बनेंगे कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष

 

अमेरिका ने बनाया था दबाव

कोविड-19 के बीच ही चार रोज पहले अमेरिका ने चीन से तिब्बती समुदाय के दूसरे नंबर के धर्म प्रमुख 11वें पंचेन लामा (11th Panchen Lama) को रिहा करने की बात कही थी। अमेरिका ने कहा है था कि दुनिया को बताया जाए कि छह वर्ष की उम्र से गुमशुदा चल रहे पंचेन लामा आखिर हैं कहां। इसके साथ ही अमेरिका (America) ने ये भी कहा है कि आज गुमशुदगी के बीच धर्मगुरू पंचेन लामा गेधुन चोयकी नीमा 31 साल के हो चुके हैं, उन्हें रिहा करने के लिए वह चीनी प्राधिकारियों पर दबाव डालते रहेंगे। अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अमेरिका के विशेष दूत सैम ब्रॉउनबैक (Sam Brownback) ने एक सम्मलेन के दौरान पत्रकारों से कहा था, पंचेन लामा कहां हैं, इसके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। और हम पंचेन लामा को रिहा करने का दबाव चीनी प्राधिकारियों (Chinese authorities) पर डालते रहेंगे। दुनिया को बताया जाए कि वह कहां हैं। चीन ने उसके चलते ही बढ़ते दबाव को देखते हुए पंचेन लामा के बारे में पहली मर्तबा जानकारी सार्वजनिक की है।

 

कौन हैं पंचेन लामा

14 मई 1995 को तिब्बतियों के धर्मगुरू दलाई लामा ने गेधुन चोयकी नीमा (Gedhun choekyi nyima) को 11वें पंचेन लामा के रूप में मान्यता दी थी। इसके तीन दिन के बाद ही 17 मई 1995 से छह वर्षीय गेधुन व उनके परिजन रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हैं। 28 मई 1996 तक तो यह भी पता नहीं चल सका कि गेधुन व उसके परिजनों का किसने अपहरण किया, लेकिन जब इस मामले को संयुक्त राष्ट्र की बच्चों के अधिकारों के लिए गठित कमेटी ने उठाया तो पता चला कि चीन ने उसे बंदी बनाया हुआ है। चीन का मानना है कि दलाई लामा द्वारा घोषित पंचेन लामा को लेकर बुद्ध संप्रदाय के लोगों में भारी रोष पनप रहा था, इसी के चलते उन्हें सेना को भेजना पड़ा। इसके बाद से पंचेन लामा व उनके परिजनों के बारे में ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई कि वह कहां हैं। इसी बीच 29 नवंबर, 1995 को चीन ने ग्यालसन नोरबू को पंचेन लामा घोषित कर दिया। गेधुन चोयकी नीमा इस वक्त 31 वर्ष के हो चुके हैं, जबकि उन्हें तिब्बती समुदाय में धर्मगुरू दलाई लामा के बाद दूसरे नंबर पर सबसे बड़ा गुरू माना जाता है।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है