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भरी बरसात में भी राजधानी प्यासी, सीपीआईएम उतरी सड़कों पर
शिमला। भारी बरसात (Heavy Rain) में भी राजधानी प्यासी है। लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। अब इसी बात को लेकर सीपीआईएम सड़कों पर उतर आई है। सीपीआईएम ने बुधवार को उपायुक्त के कार्यालय के बाहर धरना दिया। वहीं सीपीआईएम (CPIM) के शहरी सचिव जगतराम ने बताया कि शिमला में सरकार व निगम की लापरवाही से आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि शिमला की हालत तो यह है कि सर्दियों में बर्फ गिरने से पानी नहीं आता। गर्मियों में स्रोत सूखने से पानी नहीं आता और बरसात में मिट्टी भर जाने से पानी नहीं आता।
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उन्होंने बताया कि वर्तमान में 35 एमएलडी पानी (35 mld water) दिया जा रहा है जबकि शहर को 39 एमएलडी पानी की जरूरत है। उसके बाद भी शहर में 4 से 5 दिन बाद पानी पीने को मिल रहा है। सरकार द्वारा जल प्रबंधन ( water management) का निजीकरण किया गया है जिससे वह पानी का वितरण सही तरीके से नहीं कर पा रही है और शहर में पानी की समस्या चली हुई है। वह निगम कमिश्नर (corporation commissioner) को एक ज्ञापन सौंप कर यह मांग कर रहे हैं कि शहर में पानी की समस्या से निजात दिलाई जाए, जिससे बरसात में लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना ना पड़े। शिमला में 6 साल पहले बरसात में पीलिया फैला था उस समय भी पानी न आने से लोग बावड़ी से पानी पीते थे और पीलिया फैल गया था अब एक बार फिर लोगोंको चिंता सताने लगी है।

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