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पूर्व मंत्री प्रवीण शर्मा का देहांत,अंब में ली अंतिम सांस

  रात को सोए थे लेकिन सुबह उठ ही नहीं पाए

पूर्व मंत्री प्रवीण शर्मा का देहांत,अंब में ली अंतिम सांस

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अंब। पूर्व मंत्री एवं हिमाचल प्रदेश शहरी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रवीण शर्मा (Parveen Sharma) का देहांत हो गया है, वे 65 वर्ष के थे। प्रवीण शर्मा धूमल सरकार में आबकारी मंत्री रहे थे। बताया जा रहा है कि रात को वह बिल्कुल स्वस्थ सोए थे,लेकिन सुबह जब उन्हें उठाने के लिए परिवार के सदस्य गए तो उनका निधन (Passed Away) हो चुका था। प्रवीण शर्मा का अंतिम संस्कार आज दोपहर बाद अंब में किया जाएगा। प्रवीण शर्मा काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। जालंधर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था वे पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के करीबियों में से एक थे उनका निधन कहीं ना कहीं बीजेपी को बहुत बड़ा झटका दे गया

धूमल सरकार में पहली बार विधायक बनने वाले प्रवीण शर्मा पहली बार जब मंत्री बने थे, उनके पास एक्साइज व खेल विभाग था। प्रवीण शर्मा राजनीति में काफी सक्रिय थे। बीमार होते हुए भी वे पार्टी के कार्यक्रमों में लगातार शामिल होते थे। 2017 में हिमाचल चुनाव के दौरान जब पीएम नरेंद्र मोदी हिमाचल चुनावी रैली करने आए थे तो उन्होंने अपने पुराने दिनों का जिक्र किया था। जाहिर है जब पीएम नरेंद्र मोदी हिमाचल के प्रभारी थे तो वे चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र आए थे तो दोनों इकट्ठे ही स्कूटर पर भ्रमण करते थे। सीएम जयराम ठाकुर सहित नेताओं ने  उनके निधन पर बीजेपी गहरा दुख व्यक्त किया है।

प्रवीण शर्मा लंबे समय तक ऊना जिला में बीजेपी के मजबूत ध्वजवाहक रहे हैं। उनके निधन से जिला ही नहीं, अपितु प्रदेश को एक योग्य नेता की कमी महसूस होगी। वह राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी रहे। विगत वर्ष नवंबर माह में प्रवीण शर्मा के पिता का निधन हुआ था। प्रवीण शर्मा आपातकाल के दौरान पूर्व सीएम  शांता कुमार के साथ में जेल में रहे थे। पूर्व मंत्री प्रवीण शर्मा बताते थे कि उन्होंने आपातकाल का अपने कुछ साथियों सहित विरोध किया, तब मेरी आयु 17 वर्ष थी। मैंने उस समय नेशनल डिफेंस अकादमी का टेस्ट पास कर लिया था, लेकिन देश के प्रति अपने उत्तरदायित्व को समझते हुए मुझसे रहा नहीं गया तथा मैंने एनडीए में जाने के बजाय इंदिरा शासन के तानाशाही रवैये के विरोध में आंदोलन, धरना तथा प्रदर्शन में भाग लेने का निर्णय किया था। परिणामस्वरूप 1975 के अगस्त महीने में राखी वाले दिन मुझे अन्य साथियों सहित धर्मशाला में गिरफ्तार करके पहले धर्मशाला जेल में, उसके बाद शिमला जेल में भेज दिया। उस समय भारत माता की जय बोलने पर भी जेल की सजा दी गई थी। दबंग नेता के तौर पर प्रवीण शर्मा की पहचान होती थी। उनके निधन पर प्रदेश के सभी नेताओं ने गहरा शोक प्रकट किया है।

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