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हिमाचलः भूस्खलन से डेढ़ दर्जन मकान, चार हेक्टेयर भूमि तबाह
कुल्लू। फोरलेन कंपनी (Fourlane Company) की लापरवाही से डेढ़ दर्जन लोगों की सिर से छत छिन गई। यही नहीं, खेती पर निर्भर लोगों की चार हेक्टेयर भूमि पूरी तरह से तबाह होने से वे सड़क पर आ गए हैं। पीड़ित लोगों का कहना है कि अगर कंपनी (Company) ने समय रहते सुरक्षा दीवार लगा दी होती तो आज उन्हें इतना बड़ा नुकसान नहीं उठाना पड़ता। चंडीगढ़-मनाली नेशनल 3 का निर्माण कार्य कई सालों से चल रहा है। ऐसे में कुल्लू (Kullu) जिला मुख्यालय के साथ लगती खराहल घाटी के देवधार, चौकी डोभी, बनोतर गांव के 3 किलोमीटर के दायरे में भूस्खलन संभावित क्षेत्र में फोरलेन निर्माणधीन कंपनी की लापरवाही के कारण देवधार गांव व चौकी डोभी गांव के डेढ़ दर्जन से अधिक मकान जंमीदोज हो गए है और 4 हेक्टयर भूमि तबाह हो गई है।
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ऐसे में पिछले कई सालों से कंपनी द्वारा इस पूरे क्षेत्र में फोरलेन निर्माण (Fourlane Construction) के लिए कंटिंग की गई, लेकिन इसके साथ-साथ इस क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए समय पर कंकरीट की दीवार समय पर नहीं लगाई, जिसके कारण इस सारे क्षेत्रों में दर्जनों लोगों की जमीनें व घर तबाह हो गए है। बीते एक माह से लगातार देवधार गांव में मोहित शर्मा की जमीनें धंसने से चार वीघा भूमि व बगीचों (Gardens) को भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में फोरलेन निर्माणाधीन कंपनी ने अगर समय रहते इस पूरे क्षेत्र में सुरक्षा दीवार नहीं दी और आधा दर्जन मकानों को क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रभावित मोहित शर्मा ने सरकार(Goverment), प्रशासन से इस क्षेत्र को सुरक्षित करने की मांग की है, ताकि उनके घरों को नुकसान होने से बचाया जा सके।
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