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हिमाचल में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ब्यूरोक्रेट आमने-सामने, CS संजय गुप्ता ने दो पूर्व मुख्य सचिवों और पूर्व रेरा चीफ़ को लपेटा
Chester Hills Project Controversy: हिमाचल प्रदेश में चेस्टर हिल (Chester Hills Project Controversy) में भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने सफ़ाई दी है। साथ ही हिमाचल सरकार के पूर्व तीन मुख्य सचिवों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। IAS संजय गुप्ता ने पूर्व मुख्य सचिव प्रमोद सक्सेना और RD धीमान पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए इन IAS अधिकारियों की इंटीग्रिटी पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और RD धीमान की इंटीग्रिटी डाउटफुल है ,ऐसे में वे उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं। संजय गुप्ता ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और RD धीमान के कहने पर ही उनके खिलाफ चेस्टर हिल मामले को लेकर छोटा शिमला में शिकायत दी गई।
शिकायत पूरी तरह से बेबुनियाद और भ्रामक
मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने कहा कि पूरे मामले में उनके खिलाफ छोटा शिमला पुलिस थाना में दर्ज की गई शिकायत पूरी तरह से बेबुनियाद और भ्रामक है। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि उन पर 3 एकड़ ज़मीन लेने का जो आरोप लगाया जा रहा है, वह तथ्यात्मक रूप से गलत है। उन्होंने कहा कि यह ज़मीन जुलाई 2025 में सरकार की विधिवत अनुमति के बाद ली गई. इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं बरती गई है। कम रेट पर जमीन खरीदने के आरोपों पर संजय गुप्ता ने कहा कि ज़मीन का कलेक्टर रेट 1 करोड़ 10 लाख रुपये था और उनकी ओर से जमीन एक करोड़ 35 लाख में खरीदी गई। खरीदारी के स्रोत को लेकर संजय गुप्ता ने कहा कि उन्होंने 75 लाख रुपये जून महीने में जीपीएफ से लिए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेस सरकार में अतिरिक्त महाधिवक्ता रहे विनय शर्मा द्वारा की गई शिकायत प्रेरित और वाहवाही लेने के उद्देश्य से की गई है ।
प्रबोध सक्सेना की इंटिग्रिटी डाउटफुल
मुख्य सचिव ने कहा कि उन्होंने बिजली बोर्ड के चेयरमैन रहते हुए 5 हजार करोड़ रुपये का मुनाफा कमाकर दिया था। उनके कार्यकाल में कई बड़े फैसले पारदर्शिता के साथ लिए गए थे। उन्होंने कहा कि उनकी कार्यशैली को बदनाम करने के लिए यह साजिश रची जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि एक ग्रोवर और पूर्व मुख्य सचिव आरडी धीमान के खिलाफ 2 FIR पहले ही विजिलेंस में है। . साथ ही ईडी ने भी इस मामले को टेकअप किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 130 करोड़ की लागत वाली कुनिहार-नालागढ़ लाइन में नियमों की अवहेलना हुई थी जिनकी जांच चल रही है। संजय गुप्ता ने कहा कि विधायक सतपाल सत्ती के OID से जुड़े सवाल पर सीएम ने डाउटफुल इंटीग्रेटि वाले अधिकारियों को एक्सटेंशन न देने के साथ निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्य सचिव और हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना की इंटिग्रिटी डाउटफुल रही है। हिमाचल सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ने भी उनकी इंटिग्रिटी पर सवाल उठाए हैं।
पूर्व रेरा चीफ़ श्रीकांत बाल्दी पर भी सवाल उठाए
मुख्य सचिव ने कहा कि सीएम के साफ निर्देश हैं कि जिन अधिकारियों की इंटिग्रिटी डाउटफुल है। उन्हें कोई महत्वपूर्ण पद नहीं दिया जाएगा। इसी वजह से यह पूरा षड़यंत्र रचा गया है। इसके अलावा संजय गुप्ता ने चेस्टर हिल मामले में पूर्व रेरा चीफ़ श्रीकांत बाल्दी पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर चेस्टर हल में कुछ गड़बड़ी थी भी फिर भी इसकी रेरा से अप्रूवल पूर्व IAS अधिकारी श्रीकांत बाल्दीके समय में दी गई थी। उन्होंने पूर्व अधिकारियों प्रबोध सक्सेना और RD धीमान का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन अधिकारियों द्वारा विपक्ष और आम जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा संजय गुप्ता ने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गुमराह किया और सभी तथ्य उनके ध्यान में नहीं लाए गए।
मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने चेस्टर हिल मामले में पूर्व रेरा चीफ़ श्रीकांत बाल्दी पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर चेस्टर हिल में कुछ गड़बड़ी थी तो इसकी रेरा से अप्रूवल कैसे हुई ये श्रीकांत बाल्दी से पूछा जाना चाहिए @SukhuSukhvinder @BJP4Himachal @jairamthakurbjp pic.twitter.com/3742b2EpH4
— Himachal Abhi Abhi (@himachal_abhi) March 31, 2026
संजू चौधरी

