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अलविदा 2023ः इस साल के गहरे जख्मों को कभी नहीं भूला पाएगा हिमाचल
वी. कुमार/मंडी। आज 31 दिसंबर है, कुछ ही घंटों के बाद साल 2023 (Year 2023) की समाप्ति और 2024 की शुरुआत होने वाली है। ऐसे में खट्टी-मीठी यादों के साथ जाने वाले साल को अलविदा और अगले साल का स्वागत किया जाता है। लेकिन साल 2023 हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) को ऐसे गहरे जख्म (Wounds) देकर जा रहा है जो शायद कभी नहीं भूल पाएंगे। साल 2023 को प्राकृतिक आपदा (Natural Calamity) के लिए याद किया जाएगा। मंडी जिला में इस वर्ष 25 जून, 9 और 10 जुलाई तथा 12, 13 और 23 अगस्त को प्राकृतिक आपदा ने अपना कहर कुछ इस कद्र ढाया कि हजारों करोड़ की संपत्ति के नुकसान के साथ ही सैंकड़ों लोगों को अपनी जानें भी गंवानी पड़ी।

मंडी में 156 लोग बने काल का ग्रास
हजारों लोग घर से बेघर हो गए। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार मंडी जिला (District Mandi) में एक हजार से ज्यादा घर पूरी तरह से टूट गए जबकि 2400 से ज्यादा घरों को आंशिक तौर पर नुकसान पहुंचा है। 284 दुकानें और 2333 गौशालाएं तबाह हो गई। 156 लोगों को अपनी जानें गंवानी पड़ी जबकि 651 पशु भी इस आपदा के कारण काल का ग्रास बने। सरकारी उपक्रमों को भी भारी नुकसान पहुंचा। एडीएम मंडी डॉ. मदन कुमार के अनुसार मंडी जिला में इस त्रासदी के कारण 1472 करोड़ की संपत्ति का नुकसान हुआ है। सरकार ने अभी तक जिला के आपदा प्रभावितों को 54 करोड़ की राशि वितरित कर दी है जबकि बाकी राशि बांटने का कार्य भी जारी है।

त्रासदी को नहीं भूल पाएंगे प्रभावित
प्रभावित इस त्रासदी से मिले जख्मों को कभी नहीं भुला पाएंगे। जिन आशियानों में हंसते-खेलते परिवार रहते थे वहां अब मलबे के ढेर के सिवाय और कुछ नहीं। सैंकड़ों ने अपनों को हमेशा के लिए खो दिया तो हजारों घर से बेघर हो गए। प्रभावितों (Affected) के लिए सरकार ने राहत पैकेज की घोषणा की है और मुआवजा की कुछ राशि मिल भी गई है लेकिन बहुत से ऐसे हैं जिनके पास घर बनाने के लिए जमीन भी नहीं बची है।
‘आने वाला साल सभी के लिए मंगलमय हो’
यह परिवार किराए के कमरों में जिंदगी काटने को मजबूर हैं। प्रभावित मजनू राम और नानक चंद ने बताया कि इस साल जो बरसात हुई, वैसी बरसात उन्होंने अपने जीवन में कभी नहीं देखी। इन्होंने सरकार (Govt.) से जल्द से जल्द जमीन देने की गुहार लगाई है ताकि वे अपना घर बना सकें। प्रभावितों के इन्हीं जख्मों के साथ अब साल 2023 को विदा देते हुए हर कोई यही दुआ कर रहा है जो भीषण त्रासदी 2023 में देखने को मिली, ऐसी त्रासदी फिर कभी देखने को ना मिले और आने वाला साल सभी के लिए मंगलमय हो।


