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हाईकोर्ट ने राकेश शर्मा,आशीष,तरुण भंडारी अंतरिम अग्रिम जमानत अवधि 2 अगस्त तक बढ़ाई
High court Extended Interim Anticipatory Bail: शिमला। हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता (Political Instability in HImachal) पैदा करने की कोशिश के आरोपियों को दी अंतरिम अग्रिम जमानत की अवधि 2 अगस्त तक बढ़ा दी है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को पुलिस द्वारा मांगे गए मोबाइल फोन (Mobile Phone)सौंपने के लिए भी 10 दिनों की मोहलत दी है। इन आरोपियों में गगरेट से पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा के पिता राकेश शर्मा(Rakesh Sharma), हमीरपुर से तत्कालीन निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा (Ashish Sharma)और हरियाणा के सीएम के तत्कालीन पब्लिसिटी एडवाइजर तरुण भंडारी(Tarun Bhandari) शामिल है।
सुनवाई के दौरान डीएसपी सिटी रिकॉर्ड सहित उपस्थित रहे
न्यायाधीश संदीप शर्मा के समक्ष तीनों आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर हुई सुनवाई के दौरान डीएसपी सिटी शिमला (DSP City Shimla)रिकॉर्ड सहित उपस्थित थे। उन्होंने अंतरिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों से फोन जब्त किए जाने बाकी हैं और उन मोबाइल फोनों की जानकारी आरोपियों को दी जा चुकी है परंतु आरोपियों की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस कोर्ट ने इन्हे 10 दिन का समय देते हुए जांच कार्य में सहयोग देने के आदेश दिए। याचिकाओं में दिए तथ्यों के अनुसार शिमला के बालूगंज पुलिस स्टेशन (Baluganj Police Station) में पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा के पिता राकेश शर्मा, हमीरपुर से तत्कालीन निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा और हरियाणा केसीएम के तत्कालीन पब्लिसिटी एडवाइजर तरुण भंडारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। तीनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420,171 ए और 171 सी, 120 बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 एवं 8 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
तीनों याचिकाओं पर सुनवाई 2 अगस्त को
एफआईआर में राकेश और आशीष शर्मा पर राज्यसभा चुनाव(Rajya Sabha Elections) को गलत तरीके से प्रभावित करने का आरोप है। शिकायतकर्ताओं ने दोनों पर वोटों की खरीद-फरोख्त करने, रिश्वत एवं पैसों के लेन-देन के आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने सरकार गिराने के लिए साजिश रची। जबकि तरुण भंडारी पर आरोप है कि उन्होंने हरियाणा की बीजेपी सरकार(BJP government of Haryana) के इशारे पर हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की। हिमाचल प्रदेश में सरकार को अस्थिर करने के षड्यंत्र रचने के आरोप में तरुण भंडारी के विरुद्ध भी एफआइआर दर्ज की गई थी। राज्यसभा के चुनाव में क्रास वोटिंग के मामले में भी तरुण भंडारी का नाम सामने आया था। बालूगंज थाना पुलिस(Baluganj Police Station) इस पूरे मामले की जांच कर रही है। हरियाणा में तरुण भंडारी बीजेपी नेताओं (BJP Leaders) की उस कमेटी में शामिल रहे हैं, जो दूसरे दलों के नेताओं को बीजेपी में शामिल कराने का काम करती है। शिकायतकर्ताओं ने आरोपियों के बैंक खातों की जांच कराए जाने की भी मांग की है। तीनों याचिकाओं पर सुनवाई 2 अगस्त को होगी।

