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मेडिकल कॉलेज नेरचौक में बंद हो सकती ओपीडी! सिर्फ कोरोना मरीजों का होगा उपचार

एक बार फिर कोविड डेडिकेटेड अस्पताल करने की तैयारी में सरकार

मेडिकल कॉलेज नेरचौक में बंद हो सकती ओपीडी! सिर्फ कोरोना मरीजों का होगा उपचार

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मंडी। लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज (Nerchowk Medical College) नेरचौक को एक बार फिर कोविड डेडिकेटेड अस्पताल बनाया जा सकता है। कोविड डेडिकेटेड अस्पताल (Covid Dedicated Hospital) का मतलब है कि एक बार फिर यहां सिर्फ कोरोना के मरीजों का ही इलाज किया जाएगा। इस बाबत तैयारियां करने के लिए सरकार की ओर से नेरचौक मेडिकल कॉलेज (Medical College) प्रशासन को आदेश जारी किए गए हैं। दरअसल, हिमाचल (Himachal) में कोरोना ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। इसी कारण अब सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।


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ऐसे में एक बार फिर से नेरचौक मेडिकल कॉलेज को कोविड डेडिकेटेड (Covid Dedicated) अस्पताल बनाने का फैसला सरकार ने लिया है। इसका मतलब यह भी है कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर ओपीडी (OPD) बंद होगी। आपको बता दें कि 22 फरवरी को ही नेरचौक मेडिकल कॉलेज में करीब 11 महीनों के बाद ओपीडी शुरू हुई थी, लेकिन अब फिर से कोरोना के मामले बढ़ना शुरू हो गए हैं। नेरचौक मेडिकल कॉलेज के साथ ही कोविड के लिए एक मेकशिफ्ट अस्पताल (Makeshift Hospital) भी तैयार किया जा रहा है, लेकिन वो अभी तक तैयार नहीं हुआ है।

इस मेक शिफ्ट अस्पताल को तैयार करने में करीब एक महीने का समय और लग सकता है। ऐसे में स्थितियों को देखते हुए सरकार ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को तैयारियां करने के लिए कहा है। बताया जा रहा है कि दो से तीन दिन में इस बाबत निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि इससे कोरोना को छोड़ दूसरे मरीजों को काफी ज्यादा परेशानियां होंगी। पहले भी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी 11 महीने तक बंद रहने से कई मरीजों को उपचार करवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। उधर, इस बाबत जब मेडिकल कॉलेज एमएस से बात करने की कोशिश की तो संपर्क नहीं हो पाया।

मंडी एमसीएच और सुंदरनगर एमसीएच है विकल्प

दरअसल मेडिकल कॉलेज नेरचौक (Nerchowk Medical College) को फिर से कोविड डेडिकेटेड अस्पताल बनाया जाता है तो दूसरे मरीजों को फिर दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इसकी जगह यदि मंडी एमसीएच (मदर एंड चाइल्ड) और सुंदरनगर एमसीएच में सुविधाएं तैयार की जाती है तो इससे नेरचौक मेडिकल कॉलेज भी चलता रहेगा और कोरोना मरीजों का उपचार भी होता रहेगा। बहरहाल देखना होगा कि इस बाबत सरकार द्वारा क्या फैसला लिया जाता है।

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