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Solan: बिना अनुमति नशा मुक्ति केंद्र चला रहे Delhi निवासी से जुड़े फर्जी डिग्री मामले के तार

Solan: बिना अनुमति नशा मुक्ति केंद्र चला रहे Delhi निवासी से जुड़े फर्जी डिग्री मामले के तार

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सोलन। पुलिस थाना धर्मपुर के तहत गांव रिंहू सेरी में बिना अनुमति नशा मुक्ति केंद्र (Drug de-addiction center) चलाने वाला दिल्ली निवासी के तार फर्जी डिग्री मामले (Fake Degree Case) जुड़े हैं। उक्त व्यक्ति मानव भारती यूनिवर्सिटी का एजेंट निकला है। बिना अनुमति नशा मुक्ति केंद्र चलाने की शिकायत पर जब पुलिस ने दबिश दी तो यह चौकाने वाली बात सामने आई है। केंद्र से मानव भारती यूनिवर्सिटी (Manav Bharti University) की कुछ फीस की रसीदें और कागजात बरामद हुए हैं। बता दें कि पुलिस थाना प्रभारी धर्मपुर अपने दल के साथ कुमारहट्टी में गश्त पर थे। उन्हें गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि कि गांव रिंहू सेरी में एक जतिन नागर नाम के व्यक्ति ने बिना अनुमति के नशा मुक्ति केंद्र माया फाउंडेशन (Maya Foundation) के नाम से चला रहा है, जिसमें यह लोगों से नशा छुड़वाने के नाम पर बेईमानी से छल करके व गुमराह करके लोगों से पैसा ऐंठ रहा है। नशा के आदी लोगों को इलाज के बहाने अवैध तरीके से कई-कई दिन तक कमरों में बंद रखता है। उन्हें नशीली दवाईयां तथा नींद की दवाईयां देता है। लोगों से छल करके पैसा ऐंठ रहा है।

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सूचना के आधार पर मौका पर ड्रग इंस्पेक्टर (Drug Inspector), प्रधान व वार्ड मैंबर सहित गांव रिंहूं सेरी में चुन्नी लाल के भवन पर पहुंचा। जहां इस भवन की एक दीवार पर माया फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र का बैनर लगा था। इस नशा मुक्ति केंद्र में इसका निदेशक जतिन नागर मौजूद मिला, जिसने पूछने पर अपना नाम पता जतिन नागर पुत्र स्वर्गीय सुरेंद्र कुमार निवासी रैगरपुरा करोलबाग नई दिल्ली बतलाया, जिसे नशा मुक्ति केंद्र की अनुमति व कागजात पेश करने बारे कहा। जतिन नागर इस नशा मुक्ति केंद्र को चलाए जाने की कोई भी वैध अनुमति पेश ना कर सका। नशा मुक्ति केंद्र की तलाशी लेने पर नशामुक्ति केंद्र में विभिन्न प्रकार की दवाईयां, ब्लड कुलेक्शन ट्यूब (Blood Collection Tube)  बरामद हुई।

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इसके अलावा एक डायरी (जिसमे मरीजों के नाम दर्ज पाए गए), स्टाफ हाजरी रजिस्टर,  प्रार्थना पत्र, मोहरे, माया फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र के विजिटिंग कार्ड (Visiting Card)  व एक लैपटॉप भी बरामद हुआ। इसके अलावा मानव भारती युनिवर्सिटी की कुछ फीस की रसीदें और कागजात भी बरामद हुए। उपरोक्त दवाईयों के रैपर व रिकॉर्ड व प्रार्थना पत्रों से साफ प्रतीत हो रहा है कि जतिन नागर द्वारा इस नशा मुक्ति केंद्र को बिना अनुमति के चला कर लोगों से नशा छुड़वाने के नाम पर छल करके बेईमानी से पैसों की वसूली की जा रही थी। मानसिक रोगियों को अवैध तरीके से इस नशा केंद्र में कई-कई दिन तक बंद रखा है। पुलिस थाना धर्मपुर में धारा 417, 420, 342, 343, 344 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।

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