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Zilla Parishad की बैठक में हंगामा, नहीं पहुंचे अधिकारी तो सदस्यों ने किया बहिष्कार
Zilla Parishad Meeting: सोलन। जिला परिषद सोलन (Zilla Parishad Solan) की बैठक में सोमवार को हंगामा (Ruckus) देखने को मिला। अधिकारियों के बैठक में बार-बार ना आने पर आज जिला परिषद सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार (Boycott) किया और अफसरों की तानाशाही नहीं चलेगी के नारे लगाए। सदस्यों ने सरकार को चेताने का प्रयास किया कि अधिकारी चुने हुए प्रतिनिधियों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहे हैं और लगातार अफसरशाही हावी होती जा रही है।
अपने दफ्तर में आराम फरमा रहे अधिकारी
जिला परिषद सोलन की बैठक में आज सभी 17 जिला परिषद सदस्य मौजूद थे लेकिन PWD, इलेक्ट्रिसिटी और IPH और परिवहन विभाग के मुख्य अधिकारियों के बैठक में नहीं पहुंचने से आज जिला परिषद के सदस्य नाराज दिखाई दिए और इसी बात को लेकर उन्होंने बहिष्कार किया। जिला परिषद सोलन के अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि लगातार पिछले दो-तीन बैठकों से अधिकारी बैठकों में ना आकर अपने दफ्तर में आराम फरमा रहे हैं और जिन लोगों को जानकारी नहीं होती है उन लोगों को बैठकों में भेज दिया जाता है जो की बैठक में संबंधित मुद्दों पर जवाब भी नहीं दे पाते हैं।
अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग
कई बार ऐसे अधिकारियों को नोटिस दिया गया है लेकिन बावजूद इसके अभी तक लचर प्रणाली अधिकारी दिखा रहे हैं। ऐसे अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की जाएगी। जिला परिषद सदस्य मनोज ठाकुर और दर्पण ने बताया कि जिला परिषद सोलन की पहली बैठक में जो मुद्दे लेकर वह लोग पहुंचे थे वह आज तक पूरे नहीं हो पाए हैं रोड की मेंटेनेंस, डंगे लगाने और बसों को चलाने को लेकर मांगे जिला परिषद के सदस्य इन बैठकों में आते हैं लेकिन विभाग के अधिकारी खुद बैठक में ना पहुंचकर छोटे अधिकारियों को भेज देते हैं।
कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो रहा
पिछली दो-तीन बैठकों से इसी तरह का रवैया जिला परिषद की बैठक में देखने को मिल रहा है जिस कारण कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है और इसका खामियाजा जनता भुगत रही है। उन्होंने कहा कि अफसरशाही सरकार पर लगातार हावी होती दिखाई दे रही है और इसका कड़ा संज्ञान लेने की जरूरत है। यदि इसी तरह से अधिकारी बैठकों में नहीं आएंगे तो वे लगातार बैठकों का बहिष्कार करेंगे।

