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भारतीय फिल्म ‘पेबल्स’ ऑस्कर की दौड़ से बाहर, “राइटिंग विद फायर” अगले दौर में
चेन्नई। निदेशक पीएस विनोथराज की ‘पेबल्स’ ऑस्कर ( Oscar)के अगले दौर में जगह बनाने में विफल रही है। फिल्म इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी में 15 फाइनलिस्ट की शॉर्टलिस्ट( shortlist) में जगह बनाने में विफल रही है। दूसरी ओर, एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ( Academy of Motion Picture Arts and Sciences) द्वारा बुधवार तड़के घोषित सूची के अनुसार, भारतीय डॉक्यूमेंट्री फीचर “राइटिंग विद फायर” अगले दौर में प्रवेश कर गई है।’ पेबल्स’ के निर्माता निर्देशक विग्नेश शिवन ने ‘पेबल्स’ को शॉर्टलिस्ट नहीं करने पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने ट्वीट किया, “यह जांचना कि हमारी फिल्म सूची में आ गई है या नहीं, यह एक बड़ी उपलब्धि है, हां! लेकिन फिर भी! हमारे जैसे स्वतंत्र सिनेमा निर्माताओं के लिए जो खुशी और गर्व हम ला सकते थे वह उल्लेखनीय होता, यदि हम अगली सूची में जगह बना लेते।”अकादमी ने अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी सहित 10 श्रेणियों में शॉर्टलिस्ट की घोषणा की।
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https://twitter.com/VigneshShivN/status/1473521315520782347
इस श्रेणी में शॉर्टलिस्ट में जगह बनाने वाली फिल्में हैं ‘ग्रेट फ्रीडम’ (ऑस्ट्रिया), ‘प्लेग्राउंड’ (बेल्जियम), ‘लुनाना: ए याक इन द क्लासरूम’ (भूटान), ‘फ्ली’ (डेनमार्क), ‘ कम्पार्टमेंट नंबर 6’ (फिनलैंड), ‘आई एम योर मैन’ (जर्मनी), ‘लैम्ब’ (आइसलैंड), ‘ए हीरो‘ (ईरान), ‘द हैंड ऑफ गॉड’ (इटली), ‘ड्राइव माई कार’ ( जापान), ‘हाइव’ (कोसोवो), ‘प्रेयर्स फॉर द स्टोलन’ (मेक्सिको), ‘द वस्र्ट पर्सन इन द वल्र्ड’ (नॉर्वे), ‘प्लाजा कैट्रेडल’ (पनामा) और ‘द गुड बॉस’ (स्पेन) है।”राइटिंग विद फायर” दलित महिलाओं द्वारा संचालित भारत का एकमात्र समाचार-पत्र ‘खबर लहरिया’ के उदय का वर्णन करती है। डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन रिंटू थॉमस और सुष्मित घोष ने किया है, जो नवोदित निर्देशक हैं।

