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शिमला नगर निगम ने बढ़ाया कूड़े उठाने का बिल, बताई यह बड़ी वजह
शिमला। महंगाई के दौर के बीच राजधानी के लोगों को और जेब ढीली करनी पड़ेगी। नगर निगम शिमला (Shimla Municipal Corporation) ने कूड़े के बिल में दस फीसदी की बढ़ोतरी की है। शिमला नगर निगम प्रशासन ने इस बढ़ौतरी के पीछे की वजह भी बताई है। नगर निगम ने बताया कि शिमला शहर (Shimla City) से कूड़ा उठाने का जिम्मा सैहब सोसायटी को दिया है। सोसायटी के 1100 से अधिक कर्मचारी है और इन कर्मचारियों को हर साल वेतन (Salary) बढ़ोतरी करना जरूरी है। इसी के चलते शिमला नगर निगम ने कूड़े के बिल में बढ़ोतरी की है।
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नगर निगम की मेयर सत्या कौंडल (Mayor Satya Kaundal) ने बताया कि कूड़े की बढ़ोतरी के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अब 96 रुपए की जगह 106.48 रुपए मासिक शुल्क (Monthly Fee) तय किया गया है। इसी तरह डेली नीड्स, कपड़ा व जूता आदि बेचने वाले दुकानदारों (Shopkeeper) को 266 की जगह 292.82 रुपए मासिक शुल्क देना होगा। होटल, ढ़ाबे, सब्जी की दुकानें, रेस्तरां, निजी दफ्तर (Private office), बैंक, स्कूल का कूड़ा शुल्क आकार के अनुसार होगा। इन्हें भी 10 फीसदी बढ़ोतरी के साथ बिल जारी किए गए हैं।
शहर में 40 हजार से अधिक घरेलू उपभोक्ता हैं। सोसायटी के 1100 से अधिक कर्मचारियों (Employees) को हर साल 10 फीसदी की वेतन बढ़ोतरी देना जरूरी है। वेतन तभी बढ़ पाएगा, जब कूड़ा शुल्क की दरें बढ़ेंगी। घरों से कूड़ा उठाने के शुल्क से नगर निगम को हर महीने 80 से 90 लाख रुपए की कमाई होती है। इसे सोसायटी के कर्मचारियों पर ही खर्च किया जाता है।
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