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हिमाचल में सुलझ गया सीमेंट फैक्ट्री विवाद, मालभाड़ा तय, कल से शुरू होंगे प्लांट
हिमाचल में पिछले 68 दिनों से चला आ रहा सीमेंट फैक्टरी विवाद आज प्रदेश सरकार की मध्यस्थता के बाद समाप्त हो गया है। सीएम सुखविंद सिंह सुक्खू ने आज ट्रक आपरेटर्स के साथ बैठक की और दोनों पक्षों ने ढुलाई की दरों पर सहमति जताई। इसके बाद मीडिया से बातचीत को दौरान सीएम ने कहा कि विवाद शुरू होने के बाद से ही वह व्यक्तिगत तौर पर भी इसके समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहे। उन्होंने कंपनी प्रबंधन और उच्च अधिकारियों से लगातार संवाद बनाए रखा। उसरकार की मध्यस्थता और लगातार बातचीत से कंपनी प्रबंधन ढुलाई की नई दरों पर सहमत हो गया है। आज की बैठक में बिलासपुर तथा सोलन जिला के ट्रक ऑपरेटर्ज तथा अडानी समूह के उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में यह नई दरें निर्धारित की गई है। जिसके तहत मल्टी एक्सेल ट्रक का भाड़ा 9.30 रुपए प्रति मीट्रिक टन प्रति किमी व सिंगल एक्सेल ट्रक का भाड़ा 10.30 रुपए प्रति मीट्रिक टन प्रति किमी तय हुआ है। इस पर अडानी कंपनी ने भी सहमति जता दी है। इसके अलावा हर साल जो वृद्धि इसमें होती थी वह भी होगी। इसके साथ कल से सीमेंट प्लांट भी खुल जाएंगे।
सीएम ने ट्रक आपरेटर्स के साथ की बैठक
ट्रक ऑपरेटर्स भी 9.30 और 10.30 रुपये माल भाड़े पर मान गए हैं। इसके साथ ही वे कल से काम करने के लिए भी तैयार है। ट्रक ऑपरेटर यूनियन के अन्य सदस्यों से बात करके कल से काम करने पर आखिरी फैसला लेगी।ऑपरेटरों का कहना है कि कि प्रदेश हित और लोगों के हित को ध्यान में रखकर नुकसान झेलने को हुए हम मालभाड़े का प्रस्ताव स्वीकार करते हैं।
68 दिनों बाद दोनों गुटों मे मध्यस्थता से टूटा गतिरोध,अदानी समूह व ट्रांसपोर्टरों मे हुआ समझौता ।
कल से शुरू होंगे दोनों सीमेंट प्लांट ।जय हिमाचल । pic.twitter.com/izxbqKwu3i
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) February 20, 2023
सीएम ने कहा कि ढुलाई दरों में वार्षिक वृद्धि से संबंधित मामलों के लिए प्रधान सचिव उद्योग तथा अन्य अधिकारी एक फार्मूला तय करेंगे। इसके अलावा ट्रक ऑपरेटर्ज की अन्य समस्याओं के निदान के लिए सोलन तथा बिलासपुर जिला के डीसी को निर्देश दिए गए हैं और वे कंपनी प्रबंधन के साथ मिलकर इसका समाधान सुनिश्चित करेंगे।
इस विवाद का सभी पक्षों को नुकसान हो रहा था। प्रदेश में सीमेंट उत्पादन रुकने से जहां आर्थिक तौर पर नुकसान हो रहा था वहीं इस से जुड़े ट्रक ऑपरेटर्ज, ट्रक चालक एवं परिचालक, गाड़ियों की मरम्मत तथा अन्य कार्यों में जुटे स्थानीय लोग, ढाबा संचालक इत्यादि हजारों परिवार भी आर्थिक तंगी की हालत में जा रहे थे। ऐसे में प्रदेश सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण से भी इस मामले को हल करने के लिए लगातार प्रयास किए।
सीएम कहा कि प्रदेश सरकार का स्पष्ट मानना है कि ट्रक ऑपरेटर्ज के साथ-साथ वहां कार्य कर रहे कर्मचारियों तथा अप्रत्यक्ष तौर पर फैक्ट्री के आसपास रोजगार में लगे लोगों के परिवारों के हितों की रक्षा की जाए। साथ ही प्रदेश सरकार फैक्ट्री प्रबंधन को भी नुकसान के पक्ष में नहीं थी। प्रदेश सरकार का स्पष्ट मानना है कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए और उन्हें हर संभव सुविधा प्रदान की जाए।
