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Leh में जान गंवाने वाले Major Deekshant का अंतिम संस्कार, मां ने सेल्यूट कर दी विदाई
इंदौरा। लेह के कीरू इलाके में इन्फैंट्री के काम्बेट व्हीकल (BPM) को ट्राले पर लोड करते हुए हादसे में जान गंवाने वाले मेजर दीक्षांत थापा (Major Deekshant Thapa) की पार्थिव देह मंगलवार सुबह घर पहुंची। अपने जवान बेटे की पार्थिव देह आंगन में देखकर माता-पिता बेसुध हो गए। दोनों रो-रोकर बेहाल हो गए, परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें सांत्वना दी। जवान का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मेजर दीक्षांत थापा की मां ने बहादुर बेटे को सेल्यूट कर अंतिम विदाई दी।
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बता दें कि 26 वर्षीय मेजर थापा ज़िला कांगड़ा (Kangra) के कंदरोड़ी के रहने वाले थे। उनकी माता गृहिणी है, जबकि पिता सेना के मैकेनाइज़ इनफेंट्री से सेवानिवृत्त होकर अब सेना के ही सुरक्षा सेवा कोर (डीएससी) में सेवारत हैं तथा छोटा भाई अध्ययनरत है। कंदरोड़ी में मकान बनाने से पहले पूरा परिवार धर्मशाला के योल कैंट में रहता था। दीक्षांत थापा सेना के मैकेनिकल विंग 6 के 140 रेजिमेड में तैनात थे और 4 साल पहले ही कमीशन पास कर मेजर बने थे। दीक्षांत थापा ने चंडीगढ़ ग्रुप आफ कालेजिस (सीजीसी) से बीटेक की थी और पहली बार में ही एसएसबी क्लीयर किया था। लद्दाख के लेह (Leh) में एक सिविल ट्रक मिलिट्री ट्रेलर के साथ टकरा गया इसके चलते इन्फेंट्री फाइटिंग व्हीकल उनके ऊपर गिर गया, जिससे मेजर दीक्षांत थापा की जान चली गई।
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