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शिवरात्रि महोत्सव में नहीं पहुंचे अनिल शर्मा, बोले-न्योता नहीं मिला-DC ने कहा हमने भेजा था निमंत्रण
मंडी। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी 2021 (Shivratri Festival Mandi 2021) का आज आगाज हो गया। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में 200 के करीब देवी-देवता शिरकत कर रहे हैं। आज महोत्सव के शुभारंभ पर सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। सीएम के साथ मंडी के जिला के विधायक और मंत्री भी शामिल रहे, लेकिन इस दौरान मंडी सदर से विधायक अनिल शर्मा (MLA Anil Sharma) मौजूद नहीं रहे। इस बारे में जब विधायक अनिल शर्मा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंडी शिवरात्रि महोत्सव (Shivratri Festival) में शामिल होने के लिए मंडी जिला प्रशासन की ओर से निमंत्रण ही नहीं भेजा गया। उधर, इस बार बारे में जब उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर (DC Mandi) से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विधायक (MLA) अनिल शर्मा को भी निमंत्रण भेजा गया था।
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दरअसल, यह पहला मौका है जब मंडी में मनाई जाने वाली शिवरात्रि में मंडी सदर के ही विधायक शामिल नहीं हुए। विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि मुझे शिवरात्रि महोत्सव के लिए निमंत्रण ही नहीं मिला। दरअसल आपको बता दें कि हिमाचल विधानसभा चुनाव 2017 के दौरान मंडी सदर से विधायक कांग्रेस पार्टी छोड़ कर बीजेपी में शामिल हुए थे। अनिल शर्मा के साथ ही उनके पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम और आश्रय शर्मा (अनिल शर्मा के बेटे) ने भी बीजेपी का दामन थामा था।
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इसके बाद मंडी सदर से अनिल शर्मा ने बीजेपी (BJP) के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत भी गए। इसके बाद अनिल शर्मा को जयराम सरकार में मंत्री भी बनाया गया था, लेकिन 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान आश्रय शर्मा और पंडित सुखराम ने बीजेपी छोड़ फिर से कांग्रेस ज्वाइन कर ली। इसके बाद अनिल शर्मा भी मंत्रीपद से इस्तीफा दे दिया, लेकिन बीजेपी में बने रहे। लोकसभा में आश्रय शर्मा चुनाव हार गए। अनिल शर्मा को मंच से सीएम जयराम ठाकुर, मंत्री और सांसद रामस्वरूप शर्मा तंज कसते रहते हैं। हालांकि मंडी कई सरकारी कार्यक्रमों में अनिल शर्मा ने शिरकत भी की, लेकिन कई बार उनकी नाम की कुर्सी गायब रहती थी तो कई बार उन्हें बीच से तंज कसे जाते थे। यह मामला बढ़ते-बढ़ते इतना बढ़ गया कि अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव से भी अनिल शर्मा नदारद रहे। अब सवाल यह उठता है कि अगर अनिल शर्मा को न्योता भेजा गया था तो फिर न्योता गया कहां।
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