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सरकार की तरफ से दी जाती है फ्री कानूनी सहायता, यहां जानिए पूरा प्रोसेस
हर देश के अपने अलग-अलग कानून होते हैं। किसी भी देश के कानून को समझना हर किसी के बस की बात नहीं है। हालांकि, बहुत सारे महाविद्यालयों में वकालत की पढ़ाई करवाई जाती है। वहीं, वकीलों की बात करें तो किसी भी केस को सुलझाने के लिए वकील बहुत मंहगी-मंहगी फीस लेते हैं, जो देना हर किसी के बस की बात नहीं है। आज हम आपको बताएंगे कि आप फ्री कानून की सहायता (Free Legal Aid) कैसे ले सकते हैं।
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बता दें कि जरूरतमंद लोगों के पास वकीलों को फीस देने के लिए पैसे ना होने की समस्या को देखते हुए मुफ्त कानून की शुरुआत की गई थी। इसके लिए भारत सरकार ने बकायदा विधिक सेवा प्राधिकरण विभाग की 1997 में स्थापना भी की। इस विभाग में सरकार द्वारा वकीलों की नियुक्ति की जाती है। सरकार द्वारा नियुक्त किए गए इन वकीलों के पास जाकर जरूरतमंद लोग मुफ्त सेवा का लाभ उठा सकते हैं। इन वकीलों को भुगतान सरकार द्वारा किया जाता है। सरकार द्वारा हर एक राज्य के प्रत्येक जिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विभाग का गठन किया गया है।
इन लोगों को मिलता है लाभ
ध्यान रहे कि सरकार द्वारा जारी की गई इस मुफ्त सेवा का लाभ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाएं, 60 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्ति और शारीरिक रूप से असमर्थ लोग फायदा उठा सकते हैं। इसके अलावा गरीबी रेखा से नीचे आने वाले लोग भी इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
ऐसे मिलेगी सुविधा
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए व्यक्ति को विधिक सेवा प्राधिकरण विभाग से एक फॉर्म लेना होगा। इसके बाद इस फॉर्म में पूछी गई सारी जानकारी को फिल करना होगा। इसके बाद फिर फॉर्म जमा करने के समय सारे दस्तावेजों की जांच की जाती है। इसके बाद वकील दिया जाता है।
इन लोगों को नहीं मिलेगी मुफ्त सहायता
बता दें कि ऐसा कोई व्यक्ति जिस पर मानहानि का आरोप लगा हुआ है वो मुफ्त कानूनी सुविधा का फायदा नहीं उठा सकता है।

