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इस छात्र ने पैरों से दी BA की परीक्षा, बनना चाहता है IAS ऑफिसर

दोनों हाथ ना होने के बावजूद नहीं मानी हार

इस छात्र ने पैरों से दी BA की परीक्षा, बनना चाहता है IAS ऑफिसर

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कहते हैं ना दिल में कुछ करने की चाह हो तो इंसान हर कठिनाई का सामना कर लेता है। इन दिनों बिहार के एक दिव्यांग छात्र की ऐसी ही कहानी सुर्खियां बटौर रही है। लोग इस दिव्यांग छात्र (Specially Disabled Student) के जज्बे को सलाम कर रहे हैं। उसने जो किया है उसके बारे में जानकर आप भी इसकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे।

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हम बात कर रहे हैं बिहार (Bihar) के जिला मुंगेर के दिव्यांग छात्र नंदलाल की। नंदलाल अपने दोनों हाथ एक हादसे में गंवा चुका है, लेकिन उसका हौसला नहीं टटू और वे अपने पैरों की मदद से अपनी आगे की पढ़ाई कर रहा है। नंदलाल ने फिलहाल, बीए की परीक्षा दी है। वे भविष्य में बतौर आईएएस अधिकारी बन कर देश की सेवा करना चाहता है।

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जानकारी के अनुसार, नंदलाल हवेली खड़गपुर नगर क्षेत्र के संत टोला का निवासी है। नंदलाल के माता-पिता का नाम अजय कुमार साह और बेबी देवी है। बचपन में उच्च स्तर के करंट की चपेट में आने से नंदलाल की जिंदगी बदल गई। नंदलाल अभी तारापुर के आरएस कॉलेज में बीए पार्ट वन की पढ़ाई कर रहा है।

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नंदलाला काफी मेधावी और मेहनती छात्र है। नंदलाल ने साल 2017 में मैट्रिक की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास की थी। उस दौरान उसे एसडीओ संजीव कुमार की ओर से एक लाख रुपये की राशि भी दी गई थी। उसके बाद साल 2019 में नंदलाल ने इंटरमीडिएट (साइंस) की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास की। उसने 500 में से 325 अंक हासिल किए थे।

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हैरानी की बात ये है कि नंदलाल ने इस सब उपलब्धियां अपने पैरों की मदद से हासिल की हैं। नंदलाल ने सारी परीक्षाओं में अपने पैरों से पेपर लिखकर अच्छे अंक हासिल किए हैं। नंदलाल का कहना है कि हादसे के बाद उसके दादाजी ने उसे हिम्मत दी और पैरों से लिखना सिखाया। नदंलाल ने कहा कि उसका लक्ष्य बीए करने के बाद बीएड की पढ़ाई करने का है और फिर आईएएस बनने का है।

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