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भारत के अनोखे रेलवे स्टेशन, जो बने है दो देशों और दो राज्यों से

दो रेलवे स्टेशनों के आज तक नाम नहीं, विवादों से घिरे हैं दोनों

भारत के अनोखे रेलवे स्टेशन, जो बने है दो देशों और दो राज्यों से

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भारत में रेलवे (Railway) को लाइफ लाइन माना जाता है। यहां ज्यादातर लोग लंबा सफर करने के लिए रेल (Train) का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि हवाई जहाज (Airoplane) का सफर काफी महंगा पड़ जाता है। अब हम आपको भारत के सबसे अलग और अनोखे रेलवे स्टेशनों के बारे में बताने जा रहे हैं। इनमें नवापुर रेलवे स्टेशन (Nvapur) का नाम सबसे ऊपर आता है। इस स्टेशन का एक हिस्सा महाराष्ट्र में है, जबकि दूसरा हिस्सा गुजरात (Gujrat) में है। इसी वजह से नवापुर रेलवे स्टेशन दो अलग-अलग राज्यों में बंटा हुआ है, जहां प्लेटफॉर्म (platfrom) से लेकर बेंच तक सभी चीजों पर महाराष्ट्र (Maharastra) और गुजरात लिखा हुआ है। स्टेशन पर घोषणाएं भी 4 भाषाओं, अंग्रेजी, हिंदी, मराठी और गुजराती में की जाती हैं।

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बिना नाम वाला रेलवे स्टेशन

क्या आपने कभी बिना नाम के रेलवे स्टेशन के बारे में सुना है या ऐसे स्टेशन के बारे में सुना हो जो बिना किसी नाम के पूरी तरह कार्यात्मक हो। पश्चिम बंगाल (West Bangal) के बर्धमान से 35 किलोमीटर की दूरी पर बांकुरा-मैसग्राम रेलवे लाइन पर मौजूद इस बेनाम रेलवे स्टेशन का निर्माण साल 2008 में किया गया था, जिसे रैनागढ़ नाम दिया गया था, लेकिन रैना गांव के लोगों को रेलवे स्टेशन का यह नाम पसंद नहीं आया, इसलिए उन्होंने रेलवे बोर्ड में स्टेशन का नाम बदलने के लिए शिकायत की, फिर इस स्टेशन के बोर्ड से रैनागढ़ नाम हटा दिया गया। तब से यह रेलवे स्टेशन बिना नाम के ही चल रहा है।

झारखंड का बेनाम स्टेशन

झारखंड (Jharkhand) की राजधानी रांची से टोरी जाने वाली ट्रेन भी एक बेनाम स्टेशन से होकर गुजरती है। यहां किसी भी प्रकार का कोई साइन बोर्ड भी देखने को नहीं मिलेगा। जब इस स्टेशन से 2011 में पहली बार ट्रेन का परिचालन हुआ तो रेलवे ने इसका नाम बड़कीचांपी रखने का सोचा थाए लेकिन कमले गांव के लोगों का विरोध होने के बाद यह स्टेशन भी बेनाम ही रह गया। उन लोगों का कहना था कि इस रेलवे स्टेशन को बनाने के लिए उनके गांव की जमीन और मजदूर लगे थेए इसलिए इस गांव का नाम कमले स्टेशन होना चाहिए। इस प्रकार इस विवाद के बाद आज भी इस स्टेशन को कोई नाम नहीं मिला है।

ट्रेन से यात्रा करने के लिए लेना होगा वीजा

अगर आप अटारी रेलवे स्टेशन (Atari Railway Station) से ट्रेन पकड़ना चाहते हैं या फिर इस स्टेशन पर उतरना चाहते हैंए तो आपके पास वीजा होना चाहिए। भारत और पाकिस्तान की सीमा पर स्थित अमृतसर के अटारी रेलवे स्टेशन में बिना वीजा के यात्रियों का आना.जाना सख्त मना है। इस स्टेशन पर 24 घंटे सुरक्षा बलों की निगरानी रहती हैए ऐसे में अगर कोई व्यक्ति बिना वीजा के पकड़ा जाता है तो उस पर 14 फोरन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है और उस व्यक्ति कड़ी सजा भी हो सकती हैण्

भवानी मंडी

दिल्ली-मुंबई रेलवे लाइन (delhi-Mumbai Railway Station) पर स्थित भवानी मंडी रेलवे स्टेशन का दो अलग.अलग राज्यों से लिंक है। यह अनोखा रेलवे स्टेशन राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच बंटा हुआ हैए जिसकी वजह से भवानी मंडी पर रुकने वाली हर ट्रेन का इंजन राजस्थान में होता हैए जबकि उसके डिब्बे मध्य प्रदेश की जमीन में खड़े होते हैं। भवानी मंडी रेलवे स्टेशन के एक छोर पर राजस्थान का बोर्ड लगा हुआ हैए जबकि दूसरे छोर पर मध्य प्रदेश का बोर्ड लगाया गया है। दो राज्यों में बंटा होने की वजह से इस स्टेशन को भारत के सबसे अनोखा रेलवे स्टेशनों में गिना जाता हैए जो झालावाड़ जिले और कोटा संभाग के अंतर्गत स्थित है।

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