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हिमाचल: शहीद राकेश सिंह को सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई
धर्मशाला। अरूणाचल प्रदेश में हिमस्खलन की चपेट में शहीद हुए उपमंडल बैजनाथ के राकेश सिंह का उनके गांव महेशगढ़ में पूरे सैनिक व राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के चेचरे भाई ने शहीद की चिता को दी मुखाग्नि
दी। इस अवसर पर सेना के जवानों ने हवा में गोलियां दाग कर शहीद को अंतिम विदाई दी। शहीद राकेश सिंह की पार्थिव देह आज उपमंडल बैजनाथ के कंदराल पंचायत के महेशगढ़ गांव में पांचवे दिन पहुंची। राकेश सिंह कपूर की शहादत की खबर सुनने के बाद उनके पैतृक गांव में माहौल गमगीन रहा।

शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों की संख्या में लोग उनके पैतृक गांव पहुंचे थे। सरकार की ओर से मंत्री राकेश पठानिया, बैजनाथ के विधायक मुल्ख राज प्रेमी, बीजेपी प्रदेश महामंत्री त्रिलोक कपूर व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। पठानकोट से सेना के वाहन में शहीद की पार्थिव देह को लेकर उनके घर पहुंचा तो पूरा घर चीखो पुकार से गूंज उठा। उनका चीखो पुकार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गई। इसके उपरांत शहीद के चेचरे भाई शहीद की चिता को मुखाग्नि दी। बता दें कि करीब चार माह पहले ही राकेश सिंह कपूर अपने घर आया था। शहीद राकेश की शादी अक्तूबर, 2020 में हुई थी व उनका 6 महीने का बेटा है। शहीद अपने माता पिता इकलौता बेटा था।
पांच दिन बाद घर पहुंची शहीद राकेश की पार्थिव देह
अरुणाचल प्रदेश के कमांग सेक्टर में हिमस्खलन में शहीद (Martyr) हुए कांगड़ा जिला के जवान राकेश सिंह (Rakesh Singh) की पार्थिव देह शनिवार दोपहर बाद उनके घर बैजनाथ उपमंडल के कंदराल गांव के लोअर महेशगढ़ पहुंची। शहीद की पार्थिव देह परिजनों की ही नहीं बल्कि पूरे गांव में हर व्यक्ति की आंखे नम हो गईं। पार्थिव देह के घर पहुंचते ही चीखो पुकार मच गई। शहीद की पत्नी गोद में छह माह के बेटे के साथ पति की देह पर बिलख बिलख कर रोती रही। इस दौरान खेल मंत्री राकेश पठानिया भी शहीद के घर पहुंच गए हैं। वहीं, प्रशासनिक अधिकारी भी वहीं पर मौजूद हैं। शहीद का थोड़ी ही देर में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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बता दें कि पिछले एक सप्ताह से परिजन और गांववासी शहीद की पार्थिव देह का इंतज़ार कर रहे थे। मंगलवार देर शाम को सेना के अधिकारियों ने शहीद राकेश सिंह के पिता जिगरी राम को बेटे की शहादत की सूचना दी थी। परिवार के लोग बुधवार शाम या गुरुवार सुबह तक राकेश सिंह की पार्थिव देह के आने की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन शहीद की देह शनिवार दोपहर बाद घर पहुंची। इस दौरान शहीद का अंतिम संस्कार होने की उम्मीद की जा रही है।

शहीद राकेश सिंह के पिता जिगरी राम नम आंखों से बेटे के अंतिम संस्कार (Funeral) की तैयारियों को देखते रहे। शहीद की मां संध्या देवी बेटे को पुकारती रही। गांव के युवकों ने अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली थीं हैं। लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी और मजदूरों की मदद से शहीद के घर के रास्ते की मरम्मत कर दी है। वहीं, भारतीय सेना के अधिकारियों ने भी शहीद राकेश के माता.पिता से भेंट की थी और घर के कुछ दूरी पर स्थित श्मशानघाट का निरीक्षण किया था।
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