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विपक्ष के हंगामे के बीच हिमाचल सरकार का 2229.94 करोड़ का अनुपूरक बजट पास
शिमला। हिमाचल सरकार ने 2229-94 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) पास कर दिया है। विपक्ष के विरोध के बीच इसे शनिवार को पारित कर दिया गया। सीएम जयराम ठाकुर ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगों की प्रथम व अंतिम किस्त प्रस्तुत की। शनिवार को सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) ने इस अनुपूरक बजट को पारित करने का सदन में प्रस्ताव रखा तो विपक्ष ने सदन में हंगामा कर दिया। किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि हमें बिल का दस्तावेज अभी मिला है। सरकार बजट को गुचचुप तरीके से पारित करना चाह रही है। सरकार जल्दबाजी में है।
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सीएम जयराम के अनुपूरक बजट में 1716.25 करोड़ प्रदेश की स्कीमों पर, जबकि 513.69 करोड़ केंद्रीय प्रायोजित स्कीमों के लिए रखा गया है। इसमें से 246.62 करोड़ हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) सहायता अनुदान और निवेश के लिए 173.71 करोड़ सतलुज जल विद्युत निगम के बिलों पर छूट को। जबकि 155.16 करोड़ रुपये भानुपल्ली-बिलासपुर और चंडीगढ़-बद्दी रेल परियोजनाओं के निर्माण के लिएए 139 करोड़ ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र अनुदान और पंचायत भवनों के निर्माण के लिए, 135.50 करोड़ वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, कालेज व अटल आदर्श विद्यालय भवनों के निर्माण के लिए है। इसके अलावा 125.24 करोड़ अस्पतालों के निर्माण और चिकित्सा उपकरणों की खरीद के लिए 99.3 करोड़ खाद्यान्न उपदान और गृहिणी सुविधा योजना के लिए है।
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जगत सिंह नेगी (Jagat Singh Negi) ने कहा कि नियमों के तहत बिल 24 घंटे पहले हमारे पास आना चाहिए। ताकि हम इसे पढ़ सकें और समझ सकें। उन्होंने कहा कि क्या हम सुपर कम्पयूटर हैं। इसे एकदम पढ़ लेंगे। ये जल्दबाजी है। कम से कम एक दिन का समय देना चाहिए था। राजस्व व्यय ज्यादाए पूंजीगत व्यय कम है। पूंजीगत व्यय से आधारभूत ढांचा बनाया जाता है। 2000 करोड़ रुपये फिजूलखर्ची में गए। बिजली बोर्ड और एचआरटीसी में व्यापक भ्रष्टाचार है। बोर्डों-निगमों में चेयरमैन, वाइस चेयरमैन की फौज खड़ी कर दी है। बीजेपी सबका विकास नहीं, सबका विनाश कर के सत्ता से जाना चाह रही है। वहीं, माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि वित्तीय विधेयक पर चर्चा के लिए आपको वक्त देना चाहिए था, जो नहीं किया गया।
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