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धूमधाम से मनाया गुरु पूर्णिमा का त्यौहार, शिष्यों ने गुरु का पूजन कर नवाया शीश
Guru Purnima Festival : ऊना। गुरु पूर्णिमा का त्यौहार (Guru Purnima Festival) रविवार को जिला ऊना में कई स्थानों पर धूमधाम से मनाया गया, लेकिन उत्तरी भारत के प्रसिद्ध राधा कृष्ण मंदिर कोटला कलां (Kotla Kalan In Una of Himachal) में श्रद्धा और आस्था का खूब जमावड़ा देखने को मिला। श्री राधा कृष्ण मंदिर में देश के कोने कोने से पहुंचे श्रद्धालुओं ने राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज की विधिवत पूजा अर्चना की और शीश नवाया । गुरु पूर्णिमा का त्योहार हर साल आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है।
तड़के ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था
श्री राधा कृष्ण मंदिर (Radha Krishna temple Kotla Kalan) में तड़के ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था और श्रद्धालुओं ने लंबी लंबी लाइनों में लगकर अपनी अपनी बारी का इन्तजार करते हुए अपने गुरु राष्ट्रीय (Saint Baba Bal Ji Maharaj) संत बाबा बाल जी महाराज के आगे शीश निवाया और आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरू पूर्णिमा को ब्यास पूजन भी कहा जाता है ऐसी मान्यता है कि गुरु पूर्णिमा के ही दिन महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था। सनातन धर्म में महर्षि वेदव्यास को प्रथम गुरु का दर्जा प्राप्त है क्योंकि सबसे पहले मनुष्य जाति को वेदों की शिक्षा उन्होंने ही दी थी। इसके अलावा महर्षि वेदव्यास को श्रीमद्भागवत, महाभारत, ब्रह्मसूत्र, मीमांसा के अलावा 18 पुराणों का रचियाता माना जाता है। यही वजह है कि महर्षि वेदव्यास को आदि गुरु का दर्जा प्राप्त है। गुरु पूर्णिमा के दिन विशेष तौर पर (Maharishi Ved Vyas) महर्षि वेदव्यास की पूजा होती है।
– सुनैना

